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टीएमसी में बागियों के खिलाफ अभिषेक बनर्जी का बड़ा कदम

तृणमूल कांग्रेस में हालिया टूट के बाद, अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और 20 बागी सांसदों के खिलाफ याचिकाएं प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि ये सांसद अकेले किसी अन्य पार्टी में विलय नहीं कर सकते और उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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टीएमसी में बागियों के खिलाफ अभिषेक बनर्जी का बड़ा कदम

अभिषेक बनर्जी की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात


नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में हाल ही में हुई बड़ी टूट के बाद, पार्टी के नेता अभिषेक बनर्जी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और इस दौरान बागी सांसदों के खिलाफ 20 याचिकाएं प्रस्तुत की हैं। इन याचिकाओं में मांग की गई है कि इन बागी सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाए।


अभिषेक बनर्जी ने ओम बिरला से कहा कि सांसद अकेले किसी अन्य पार्टी में विलय नहीं कर सकते, इसलिए उन्हें अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। इस मुलाकात में उनके साथ कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा भी मौजूद थे। उन्होंने स्पीकर से स्पष्ट किया कि एक सांसद अकेले किसी अन्य पार्टी में विलय नहीं कर सकता।


उन्होंने बताया कि 20 सांसदों ने पहले स्पीकर से अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की थी, लेकिन बाद में यह पता चला कि वे एनसीपीआई नामक दल में शामिल हो गए हैं। बनर्जी ने कहा कि इस समूह का नाम पहले कभी नहीं सुना गया और यहां तक कि बागी सांसदों को भी इस पार्टी के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लेख किया।


टीएमसी नेता ने कहा कि दलबदल कानून स्पष्ट है। यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपनी पार्टी छोड़ता है, तो वह सांसद बने रहने के योग्य नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ये लोग टीएमसी के प्रतीक पर चुनाव जीतकर आए थे, और अब चुनाव के दो साल बाद वे किसी नई पार्टी में शामिल होने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में उनकी लोकसभा सदस्यता तुरंत समाप्त हो जानी चाहिए।