टेलीग्राम पर पाबंदी के खिलाफ अदालत में गई कंपनी, सुनवाई जारी
टेलीग्राम की कानूनी चुनौती
नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश के लिए पुनः आयोजित होने वाली नीट यूजी परीक्षा से पहले, टेलीग्राम ने सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। टेलीग्राम ने दिल्ली उच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई की, जिसमें अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या टेलीग्राम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना उचित है। सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा है।
सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि टेलीग्राम ने कई निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं किया है। वहीं, टेलीग्राम ने इसे एक व्यापक कार्रवाई बताया। सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पेश करने का दावा करते हुए गुरुवार तक का समय मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि मंगलवार को सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाई थी, जो 22 जून तक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा, मैसेज एडिट फीचर पर 30 जून तक पाबंदी लगाई गई है। इस बीच, टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने सरकार के निर्णय की आलोचना की है, यह कहते हुए कि इससे भारत के 15 करोड़ से अधिक टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं को दंडित किया गया है।
डुरोव ने कहा कि इस प्रतिबंध से कुछ भी नहीं रुकेगा, क्योंकि लीक करने वाले अन्य ऐप्स पर चले जाएंगे। टेलीग्राम ने सोशल मीडिया पर सरकार के इस निर्णय का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसे सड़क को बंद कर दिया जाए क्योंकि कोई ओवरस्पीड में गाड़ी चला रहा है। इसके अलावा, टेलीग्राम पर पाबंदी के बाद, गूगल और एप्पल ने भी अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम ऐप हटा दिया है।
