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ट्रंप की चेतावनी: पेट्रोल कंपनियों को कीमतें घटाने का निर्देश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेट्रोल कंपनियों को चेतावनी दी है कि उन्हें तुरंत ईंधन की कीमतें घटानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ट्रंप ने कैलिफोर्निया में भारी टैक्स को लेकर भी चिंता जताई। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की भी जानकारी दी गई है। जानें इस मुद्दे पर ट्रंप के अन्य विचार और आगामी वार्ता के बारे में।
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पेट्रोल की कीमतों में कमी की मांग

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की पेट्रोल कंपनियों को ईंधन की कीमतें तुरंत कम करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है, जो अस्वीकार्य है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “पेट्रोल विक्रेताओं को अपनी कीमतें तुरंत घटानी चाहिए। तेल की कीमत अब 68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है और लगातार गिर रही है, लेकिन पेट्रोल की कीमतें अभी भी बहुत अधिक हैं। अमेरिकी जनता को इसका लाभ मिलना चाहिए।”


ट्रंप ने कहा कि कीमतों में मनमाने तरीके से वृद्धि करना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेट्रोल विक्रेताओं ने जल्द ही कीमतें नहीं घटाईं, तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने पेट्रोल की कीमत लगभग 2.50 डॉलर प्रति गैलन तक लाने की आवश्यकता जताई।


कैलिफोर्निया का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने राज्य सरकार की कर नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पर लगाए जा रहे भारी टैक्स के कारण आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ट्रंप के अनुसार, यदि यही स्थिति बनी रही, तो जल्द ही टैक्स की राशि पेट्रोल की वास्तविक कीमत से भी अधिक हो सकती है।


इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत भी शुरू होने जा रही है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर मंगलवार को दोहा में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। यह वार्ता हाल ही में दोनों देशों के बीच हुई सैन्य तनातनी और उसके बाद हुए युद्धविराम के बाद हो रही है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने इस बैठक का अनुरोध किया था, हालांकि उन्होंने इसके एजेंडे की जानकारी नहीं दी।


व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल दोहा में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते और युद्धविराम के क्रियान्वयन पर चर्चा करेगा। उन्होंने कहा, “अमेरिका युद्धविराम का पालन कर रहा है, लेकिन किसी भी हिंसा का जवाब उचित तरीके से दिया जाएगा।”