ट्रंप के व्हाइट हाउस प्रतिबंध के खिलाफ समाचार संस्थानों की कानूनी लड़ाई
संघीय अदालत में याचिका
इस महीने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस परिसर से प्रतिबंधित किए गए तीन समाचार संस्थानों ने संघीय अदालत से इस प्रतिबंध को रोकने का अनुरोध किया है, जब तक कि मामला अंतिम रूप से निपट नहीं जाता। सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको ने आरोप लगाया है कि प्रशासन न्यायाधीश के रोक आदेश के बावजूद प्रतिबंध को 'अप्रत्याशित और असंगत तरीके से' लागू कर रहा है। इसके अलावा, सीएनएन को व्हाइट हाउस के टेलीविजन पूल की जिम्मेदारियों से भी रोक दिया गया है। टेलीविजन पूल का अर्थ है कि एक समाचार संस्था किसी कार्यक्रम की वीडियो कवरेज करती है और उसकी फुटेज अन्य चैनलों को उपलब्ध कराती है.
प्रतिबंध का कानूनी आधार
तीनों संस्थानों के वकीलों ने सोमवार को कहा, 'व्हाइट हाउस के बयानों और कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि वह मौका मिलने पर सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको पर फिर से पूर्ण प्रतिबंध लगा सकता है।' याचिका में इस प्रतिबंध को पहले संशोधन में निहित प्रेस स्वतंत्रता और उचित कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन बताया गया है। अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश टिमोथी केली ने पिछले सप्ताह ट्रंप के प्रतिबंध पर दो सप्ताह का अस्थायी रोक आदेश जारी किया था, जिससे तीनों संस्थानों की व्हाइट हाउस तक पहुंच बहाल हुई थी। यह आदेश आठ अक्टूबर को समाप्त होने वाला है.
व्हाइट हाउस का दृष्टिकोण
संस्थानों ने अब मामले के अंतिम निपटारे तक अपनी पहुंच जारी रखने के लिए प्रारंभिक रोक की मांग की है। व्हाइट हाउस का कहना है कि परिसर तक पहुंच कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति को यह तय करने का अधिकार है कि उनके विमान में कौन यात्रा करेगा.
सीएनएन का समर्थन
उन्होंने सीएनएन पर सटीक खबरें नहीं देने का आरोप लगाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। जब सीएनएन को व्हाइट हाउस के प्रसारण पूल से हटाया गया, तब एबीसी, सीबीएस, एनबीसी और फॉक्स न्यूज ने उसके समर्थन में पूल को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। हाल ही में, सीएनएन को ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात को कवर करने की अनुमति मिली, लेकिन अगले दिन उसे एयर फोर्स वन में यात्रा करने से रोक दिया गया.
