Newzfatafatlogo

डॉक्टर एस जयशंकर की कूटनीति पर पाकिस्तान के पत्रकार का विवादास्पद सवाल

हाल ही में, पाकिस्तान के एक पत्रकार ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की स्पीच के दौरान विवादास्पद सवाल उठाया। इस घटना ने कूटनीतिक आक्रामकता को उजागर किया, जब डॉ. जयशंकर ने पत्रकार के आरोपों का जवाब देते हुए एक अनोखे अंदाज में प्रतिक्रिया दी। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और डॉ. जयशंकर की कूटनीतिक रणनीति के बारे में।
 | 

पाकिस्तानी पत्रकार की हरकत पर प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने अपनी स्थिति के अनुसार एक विवादास्पद कदम उठाया है। दरअसल, आतंकवाद के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले पाकिस्तान के एक पत्रकार ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की स्पीच को बाधित करने का प्रयास किया। यह ध्यान देने योग्य है कि संयुक्त राष्ट्र में जानबूझकर पाकिस्तान के पत्रकारों को भेजा जाता है। इस पत्रकार ने विदेश मंत्री से कहा कि भारत उनके देश में आतंकवाद फैला रहा है। यह सोचने वाली बात है कि जिस देश में हर हफ्ते नए आतंकी संगठन बनते हैं, उसी देश का पत्रकार भारत पर आतंकवाद का आरोप लगा रहा है। लेकिन डॉ. एस जयशंकर ने इस पत्रकार और उसके देश की धज्जियां उड़ा दीं। वह तो लाइबेरिया की विदेश मंत्री के साथ समुद्री सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। कई बार भारत के मरीन कमांडोज़ ने समुद्री लुटेरों से पाकिस्तानी नाविकों को बचाया है।


डॉक्टर एस जयशंकर की प्रतिक्रिया

डॉ. एस जयशंकर ने उस पत्रकार से कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे सवाल पूछ रहा है। इस प्लांटेड सवाल का जवाब देने के बाद, उन्होंने पहले मुस्कुराया, फिर एक अनोखे कूटनीतिक अंदाज में टेबल पर हाथ मारा और वहां से चले गए। इस तरह से टेबल पर हाथ मारने का अर्थ नो टॉलरेंस पॉलिसी और आक्रामक कूटनीति को दर्शाना होता है। यह स्पष्ट है कि डॉ. एस जयशंकर ने इस नौसीखिए पत्रकार के प्रति आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि उनकी खून सुखाने वाली मुस्कान ही काफी थी। यह हाथ की मार पाकिस्तान के लिए एक संदेश थी। कूटनीति और बातचीत में इस तरह की हरकत का मतलब होता है कि बहस की गुंजाइश खत्म हो गई है। इसके अलावा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा रुख दिखाने के लिए भी शब्दों की जगह टेबल की आवाज का उपयोग किया गया है।