डोनाल्ड ट्रंप का इल्हान उमर पर हमला: चुनावी रैलियों में उठे गंभीर सवाल
ट्रंप का हमला
अमेरिकी मिड टर्म चुनावों से पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। इस दौरान, उनका ध्यान मिनिसोटा की सांसद इल्हान उमर पर केंद्रित है। उमर को भारत में पाकिस्तान समर्थक और जिहादी मानसिकता वाली सांसद के रूप में देखा जाता है। हाल ही में उनके घर पर छापे के बाद, इस मुद्दे ने फिर से तूल पकड़ लिया है। ट्रंप ने उमर को सुझाव दिया है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उन पर आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस में शपथ लेने के लिए एक फर्जी नाम का इस्तेमाल किया।
छापे की जानकारी
ट्रंप ने ओयोवा में एक रैली के दौरान डेमोक्रेट्स पर निशाना साधा। सूत्रों के अनुसार, 12 अक्टूबर को उमर के घर पर छापे में अमेरिकी इमीग्रेशन दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। ट्रंप ने चुनावी रैलियों और सोशल मीडिया पर उमर के खिलाफ बयान दिए हैं, जिसमें उनके भाई के साथ कथित विवाह का मामला भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि उमर का असली नाम फर्जी है, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
उमर पर आरोप
उमर पर यह आरोप पहली बार 2016 में लगाया गया था। आलोचकों का कहना है कि उन्होंने 2009 में अपने भाई अहमद नूर सैद एलमी से शादी करके नागरिकता प्राप्त की। ट्रंप ने बार-बार उमर की इमीग्रेशन पृष्ठभूमि का मुद्दा उठाया है, यह आरोप लगाते हुए कि वह अवैध रूप से अमेरिका आईं। हालांकि, उमर के कार्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
इल्हान उमर का परिचय
40 वर्षीय इल्हान उमर एक सोमालियाई अमेरिकी राजनेता हैं, जो 2019 में मिनिसोटा से हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में चुनी गईं। वह अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं और पहली सोमालियाई अमेरिकी नागरिक हैं। उमर ने बताया कि वह 1995 में सोमालिया के नागरिक युद्ध से भागकर अमेरिका आईं और 12 साल की उम्र में शरणार्थी बनीं। वह 17 साल की उम्र में अमेरिकी नागरिक बनीं और हिजाब पहनकर शपथ लेने वाली पहली अमेरिकी मुस्लिम सांसद बनीं।
