डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर विवादास्पद बयान और खामेनेई का अंतिम संस्कार
ट्रंप का विवादास्पद बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका यदि चाहे तो ईरान के प्रमुख नेताओं को एक ही गोली से समाप्त कर सकता है। यह टिप्पणी उन्होंने 28 फरवरी को ईरान के सबसे प्रभावशाली नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के संदर्भ में की, जहां कई ईरानी नेता एकत्रित हुए थे। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ऐसा कदम नहीं उठाएगा, क्योंकि वह ईरान के साथ संवाद का रास्ता खुला रखना चाहता है। उनके अनुसार, यदि सभी को समाप्त कर दिया जाएगा, तो बातचीत के लिए कोई नहीं बचेगा।
ईरानियों के आंसुओं पर सवाल
ट्रंप ने अंतिम संस्कार में कुछ ईरानियों को रोते हुए देखकर आश्चर्य व्यक्त किया, क्योंकि उनका मानना था कि खामेनेई को लोग पसंद नहीं करते थे। उन्होंने इसे दिखावटी आंसू करार दिया। इस पर ईरान के दूतावास ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप इन बातों को नहीं समझ सकते, क्योंकि उनके पास न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान को बुरी तरह हराया है और अब ईरान समझौता करने के लिए बेताब है।
अंतिम संस्कार में संभावित हादसे का डर
खबरों के अनुसार, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देशभर से भारी भीड़ जुटने की संभावना है, जिससे किसी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीड़ के कारण 1,500 से 3,000 लोगों की मौत हो सकती है। जर्मनी के एक समाचार पत्र ने बताया कि ईरान की सरकार ने ऐसे किसी भी बड़े हादसे से निपटने के लिए पहले से ही एक गुप्त योजना तैयार कर रखी है।
70 से अधिक देशों ने दी श्रद्धांजलि
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हैं। उन्होंने सभी देशों और अरब भाइयों का आभार व्यक्त किया। इस भावुक मौके पर ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अराघची खुद को रोक नहीं पाए और फूट-फूट कर रो पड़े। इस शोक सभा में दुनिया भर के कई प्रमुख नेता और अधिकारी तेहरान की ग्रैंड मस्जिद में शामिल हुए।
