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डोनाल्ड ट्रंप का नाटो और ब्रिटिश पीएम पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर और नाटो पर तीखी टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने स्टारमर को चर्चिल से तुलना करते हुए कहा कि उनका रवैया अमेरिका के प्रति नकारात्मक है। ट्रंप की नाराजगी का मुख्य कारण नाटो का ईरान मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन न करना है। इसके अलावा, ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका नाटो में अपनी भागीदारी को कम करेगा। जानें इस राजनीतिक उठापटक के पीछे की पूरी कहानी।
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डोनाल्ड ट्रंप का नाटो और ब्रिटिश पीएम पर हमला

ट्रंप का मजाक उड़ाने का नया शिकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का किसी पर हमला करने का तरीका जगजाहिर है। चाहे वह किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना हो या किसी संस्था की खिल्ली उड़ाना, ट्रंप कभी पीछे नहीं हटते। हाल ही में, उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलिनी पर भी निशाना साधा है। इसके साथ ही, नाटो के प्रति उनकी नाराजगी भी सामने आई है। ईरान के मुद्दे पर नाटो ने अमेरिका का समर्थन करने से मना कर दिया, जिससे ट्रंप का गुस्सा और बढ़ गया है।


कीर स्टारमर पर ट्रंप की टिप्पणी

हाल ही में, ट्रंप ने कीर स्टारमर के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह चर्चिल नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्टारमर ने अमेरिका का समर्थन करने के बजाय ऐसी बातें की हैं जो बेकार हैं। ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका ने स्टारमर से युद्ध में साथ देने को कहा, तो उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका जीतता है, तो वह उनके साथ खड़े होंगे। यह रवैया केवल स्टारमर का नहीं, बल्कि कई अन्य देशों का भी है जिन्होंने अमेरिका का साथ देने से मना किया है।


नाटो के साथ अमेरिका की स्थिति

ट्रंप की नाराजगी का एक और कारण हाल में पीट हेक्सेथ की बैठक है, जिसमें नाटो 3.0 बनाने की बात की गई। इसका मतलब है कि अमेरिका अपनी भागीदारी को लेकर नए तरीके से सोच रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका नाटो में अपने सैनिकों की संख्या कम करेगा और इसके बदले में वित्तीय लाभ भी लेगा। इस प्रकार, आने वाले समय में अमेरिका और नाटो के बीच की खटास और बढ़ सकती है।