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डोनाल्ड ट्रंप का विवादास्पद बयान: इज़राइल का अस्तित्व अमेरिका के समर्थन पर निर्भर

G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के अस्तित्व को अमेरिका के समर्थन से जोड़ा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छिड़ गई। उन्होंने लेबनान के मामले में इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अधिक जिम्मेदारी लेने की अपील की। ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह के खिलाफ इज़राइली सेना के अभियान की आलोचना की और कहा कि लेबनान में चल रही लड़ाई को 'छोटी-मोटी लड़ाई' करार दिया। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है।
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डोनाल्ड ट्रंप का विवादास्पद बयान: इज़राइल का अस्तित्व अमेरिका के समर्थन पर निर्भर

G7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप का बयान


नई दिल्ली। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात से पहले, ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका का समर्थन नहीं होता, तो इज़राइल का अस्तित्व नहीं होता। इसके साथ ही, उन्होंने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लेबनान के मुद्दे पर अधिक जिम्मेदारी लेने की अपील की।


हालांकि, तेहरान ने बार-बार यह कहा है कि किसी भी युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन इज़राइल इस पर सहमत नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को जारी रखना चाहता है। ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह मिलिटेंट ग्रुप के खिलाफ इज़राइली सेना के अभियान की आलोचना की।


ट्रंप का दृष्टिकोण

ट्रंप ने और क्या कहा?


G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए, ट्रंप ने कहा कि इज़राइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष लंबे समय से चल रहा है और इसमें कई लोग मारे जा रहे हैं। लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में इज़राइली सेना के हालिया हमले का उल्लेख करते हुए, ट्रंप ने नाराजगी व्यक्त की, क्योंकि यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की घोषणा से पहले हुआ था। उन्होंने कहा कि जब किसी को खोजने की कोशिश की जा रही हो, तो हर बार इमारत गिराने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि उन अपार्टमेंट में बहुत से लोग रहते हैं और वे सभी हिज़्बुल्लाह के सदस्य नहीं हैं।


ट्रंप ने इज़राइल के लिए अमेरिका के समर्थन पर जोर दिया और कहा कि अमेरिका के बिना इज़राइल का अस्तित्व नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका इसमें शामिल नहीं होता, तो तेल अवीव बहुत पहले ही नष्ट हो गया होता।


लेबनान की स्थिति पर ट्रंप की राय

ट्रंप ने लेबनान की लड़ाई को बताया छोटा


ट्रंप ने लेबनान में चल रही लड़ाई को ‘छोटी-मोटी लड़ाई’ कहा और हिज़्बुल्लाह को ‘एक छोटी सी चुभन’ बताया जो बार-बार सिर उठाती रहती है। उन्होंने कहा कि यदि इज़राइल बेरूत पर हमले जारी रखता है, तब भी ईरान के साथ शांति समझौता बना रहेगा। ट्रंप ने कहा कि जिस तरह से इज़राइल ने लेबनान और हिज़्बुल्लाह के मुद्दे को संभाला है, उससे वे संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि, जब पत्रकारों ने नेतन्याहू के साथ उनके रिश्तों के बारे में पूछा, तो ट्रंप ने कहा कि उनके साथ संबंध अच्छे रहे हैं, लेकिन अब नेतन्याहू को लेबनान के मामले में अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी।