डोनाल्ड ट्रंप की भारत के राष्ट्रपति चुनाव पर गलती से टिप्पणी
ट्रंप की गलती
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा करते समय गलती से उसे भारत का चुनाव समझ लिया। यह घटना तब हुई जब ट्रंप चुनावी प्रक्रिया के बारे में बात कर रहे थे और अमेरिका में चुनावों के भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। हालांकि, यह स्पष्ट है कि यह टिप्पणी ब्राज़ील के चुनावों के संदर्भ में थी, क्योंकि भारत में उस समय कोई चुनाव नहीं हो रहा था।
ट्रंप का बयान
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट डाला। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद, उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए गए। इसके बाद, उन्होंने अमेरिका के कुछ शहरों जैसे डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया और कैलिफ़ोर्निया में चुनावों की प्रक्रिया की तुलना की और कहा कि वहां चुनाव 'भ्रष्ट' हैं। ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका के कई शहरों में वोटों की गिनती में समय लगने की समस्या है।
ब्राज़ील का सही संदर्भ
बाद में, ट्रंप ने अपनी पोस्ट को संशोधित किया और भारत का नाम हटाकर ब्राज़ील का नाम लिखा, लेकिन अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना जारी रखी। उन्होंने कहा कि ब्राज़ील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया और परिणाम तुरंत आए। ट्रंप ने फिर से अमेरिका के चुनावी सिस्टम की खामियों को उजागर किया।
भारत में राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया
भारत के राष्ट्रपति चुनाव के बारे में ट्रंप की टिप्पणी कई कारणों से गलत थी। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे वोटिंग से नहीं होता, बल्कि यह एक 'इलेक्टोरल कॉलेज' द्वारा किया जाता है। इस कॉलेज में संसद के दोनों सदनों के चुने हुए सदस्य और राज्यों तथा केंद्र-शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्य शामिल होते हैं। यह चुनाव 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' प्रणाली के तहत 'एकल संक्रमणीय मत' के माध्यम से होता है। भारत में आम चुनावों के दौरान, मतदाता सीधे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को चुनते हैं। इसके बाद, राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारत में लगभग 98 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाता थे।
