तमिलनाडु विधानसभा में भाषा विवाद: वित्त मंत्री का अनोखा अंदाज
बजट सत्र में उठे विवाद के मुद्दे
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में बजट सत्र के दौरान भाषा को लेकर एक गंभीर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है। 'थलपति विजय' के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) सरकार का पहला बजट पेश करते समय, वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन पर मुख्य विपक्षी दल द्रमुक (DMK) और भाजपा (BJP) ने तीखे सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्री ने बजट पढ़ते समय गलत तमिल का प्रयोग किया और बार-बार अंग्रेजी शब्दों का सहारा लिया।
द्रमुक विधायक की आपत्ति
द्रमुक विधायक टीएम राजेंद्रन ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 5 अगस्त को पेश किए गए बजट भाषण में वित्त मंत्री के उच्चारण और व्याकरण में कई गलतियाँ थीं। उन्होंने सुझाव दिया कि वित्त मंत्री को भविष्य में शुद्ध और त्रुटिहीन तमिल में बजट भाषण देना चाहिए।
वित्त मंत्री का कड़ा जवाब
वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने सदन में आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें तमिल भाषा सिखाने की कोशिश न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका अपना अनोखा अंदाज है और वे इसे नहीं बदलेंगे। उन्होंने अपनी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए बताया कि वे पिछले 25 से 30 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं, जहाँ उनका संवाद मुख्य रूप से अंग्रेजी में रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप
विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने इस विवाद को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने सदन के नियम '86' का उल्लेख करते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही तमिल, अंग्रेजी या दोनों भाषाओं में चल सकती है। द्रमुक के वरिष्ठ नेता ए.वी. वेलु ने भी कहा कि राज्य में उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों की तमिल बोलियों में भिन्नता है।
पहनावे और धार्मिक प्रतीकों पर विवाद
भाषा विवाद के अलावा, वित्त मंत्री विल्सन द्वारा हाथ में माला थामने और क्रॉस का चिन्ह बनाने पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी। इसके साथ ही, पारंपरिक धोती के विपरीत, उन्होंने पैंट-शर्ट पहनकर बजट पेश किया। इस भाषाई और राजनीतिक खींचतान के बीच, TVK सरकार ने अपने पहले बजट में 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।
