तालिबान का भारत दौरा: कृषि सहयोग और ऐतिहासिक रिश्तों की नई दिशा
तालिबान के कृषि मंत्री अताउल्लाह उमारी का भारत दौरा ऐतिहासिक रिश्तों को मजबूत करने का संकेत है। उन्होंने भारत से कृषि तकनीक, बीज और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की अपेक्षा की है। इस दौरे को क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। भारत ने अफगानिस्तान में विकास परियोजनाओं में महत्वपूर्ण निवेश किया है और मानवीय सहायता जारी रखी है। जानें इस दौरे के पीछे की रणनीति और दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के बारे में।
| Jul 11, 2026, 15:40 IST
तालिबान मंत्री का भारत दौरा
पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, तालिबान भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। तालिबान के कृषि सिंचाई और पशुपालन मंत्री, अताउल्लाह उमारी का भारत दौरा कई दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। इस यात्रा ने क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव और नई कूटनीतिक दिशा का संकेत दिया है। भारत पहुंचते ही उमारी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान का रिश्ता सदियों पुराना है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां आने पर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने ही लोगों के बीच हैं। उनके अनुसार, दोनों देशों के लोगों के बीच गहरा जुड़ाव है और उनका डीएनए एक समान है। इस बयान को तालिबान की ओर से भारत के प्रति सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
भारत से सहयोग की अपेक्षाएँ
तालिबान ने भारत से अपेक्षा की है कि वह अफगानिस्तान को आधुनिक कृषि तकनीक, भरोसेमंद बीज, फलों की प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज और कृषि उत्पादों की पैकेजिंग में सहायता करे। इसके अलावा, तालिबान ने भारत को डेयरी, पोल्ट्री, एनिमल ब्रीडिंग और आर्टिफिशियल इंसमिनेशन में निवेश का निमंत्रण दिया है। अफगानिस्तान का लक्ष्य केमिकल फर्टिलाइज़र्स पर निर्भरता कम करके ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देना है। तालिबान चाहता है कि भारत किसानों को नई तकनीक उपलब्ध कराने और ग्रामीण विकास में सहयोग करे। काबुल में होने वाली एग्रीकल्चर एक्सपो में भारतीय कंपनियों को भाग लेने का निमंत्रण भी दिया गया है। पिछले एक साल में, यह तालिबान का भारत का चौथा उच्च स्तरीय दौरा है।
भारत-अफगानिस्तान संबंध
दोनों देशों के बीच संपर्क लगातार बढ़ रहा है। भारत ने तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर बातचीत और सहयोग का दायरा बढ़ता जा रहा है। पिछले दो दशकों में, भारत ने अफगानिस्तान में अरबों रुपए की विकास परियोजनाएं पूरी की हैं, जिसमें संसद भवन, सड़कें, बिजली परियोजनाएं, स्कूल और अस्पताल शामिल हैं। भारत ने तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी मानवीय सहायता, दवाइयां, गेहूं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जारी रखी है। भारत की कोशिश है कि अफगानिस्तान की जनता तक मदद पहुंचती रहे और क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। यही कारण है कि अफगानिस्तान आज भारत पर सबसे ज्यादा भरोसा करता है। हाल के महीनों में, पाकिस्तान और तालिबान के बीच संबंध बिगड़ते जा रहे हैं, जिसके चलते सीमा पर कई बार संघर्ष भी हुआ है।
