तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष से गुटबाजी पर हस्तक्षेप की मांग की
नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस की अपील
नई दिल्ली: संसद में तृणमूल कांग्रेस के भीतर संभावित गुटबाजी की अटकलों के बीच, पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अध्यक्ष को एक पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस एकजुट राजनीतिक इकाई है और इसका प्रतिनिधित्व केवल अधिकृत नेताओं और व्हिप के माध्यम से होना चाहिए। यह कदम पार्टी की एकता बनाए रखने और विभाजन की अटकलों को समाप्त करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी के प्रतिनिधियों की अध्यक्ष से मुलाकात
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और उन्हें पार्टी का पत्र सौंपा। पत्र में अनुरोध किया गया है कि संसद में किसी भी कथित अलग गुट को मान्यता या विशेष सुविधा न दी जाए। पार्टी ने जोर देकर कहा कि उसकी आधिकारिक पहचान एक ही संगठन के रूप में बनी रहनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी का स्पष्ट संदेश
पत्र में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को एकीकृत राजनीतिक दल के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व केवल अधिकृत नेतृत्व और व्हिप द्वारा किया जाए। पार्टी का मानना है कि किसी समानांतर समूह को मान्यता देना संगठनात्मक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं के खिलाफ होगा।
कीर्ति आजाद का बयान
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद सांसद कीर्ति आजाद ने विभाजन की चर्चाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि संविधान और कानून के तहत पार्टी का विभाजन स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ और दसवीं अनुसूची के प्रावधान इस विषय पर स्पष्ट हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अध्यक्ष नियमों के अनुसार निर्णय लेंगे।
सागरिका घोष की चिंताएं
सांसद सागरिका घोष ने भी कथित अलग गुट बनाने की कोशिशों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल संविधान और कानून की भावना के खिलाफ है। उनके अनुसार, पार्टी को कमजोर करने का कोई भी प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अध्यक्ष को पार्टी की चिंताओं से अवगत करा दिया गया है।
