तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक संकट: बागी नेताओं की गतिविधियाँ तेज
तृणमूल कांग्रेस में दरार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी में गंभीर आंतरिक संकट उत्पन्न हो गया है। चुनावी नतीजों के बाद, पार्टी का ध्यान अब दिल्ली की ओर केंद्रित हो गया है, जहां बागी नेताओं की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं।
बैठक का उद्देश्य
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल के एक वरिष्ठ सांसद कोलकाता लौटने के लिए मुंबई से निकले थे, लेकिन अचानक दिल्ली में रुक गए। उन्होंने बिना किसी को सूचित किए कुछ लोगों से मुलाकात की, जिसका उद्देश्य पार्टी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करना था।
रिताब्रता बनर्जी का गुट
जानकारी के अनुसार, पार्टी के 41 सांसदों में से कम से कम 20 सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ये सांसद पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पत्र लिखने के लिए समर्थन जुटा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद, पार्टी के लगभग 80 विधायकों में से 60 विधायक रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं। इन विधायकों ने कई पार्टी कार्यक्रमों में भाग लेना बंद कर दिया है।
बागी नेताओं की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, उत्तर 24 परगना क्षेत्र से एक सांसद, जिन्हें विधानसभा टिकट नहीं मिला था, पिछले 24 घंटे से अधिक समय से अपना फोन बंद रखे हुए हैं। इसे नेतृत्व के प्रति असहमति का संकेत माना जा रहा है।
इसके अलावा, एक अभिनेता-नेता और दो अन्य नेता भी बागी सूची में शामिल हो गए हैं, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
महत्वपूर्ण बैठकें
बागी नेताओं की गतिविधियाँ उस समय बढ़ रही हैं जब तृणमूल सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रही हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब तृणमूल कांग्रेस का ध्यान बंगाल विधानसभा से हटकर संसद में अपनी स्थिति बनाए रखने पर केंद्रित हो गया है।
