त्रिपुरा के शहरी निकाय चुनावों में भाजपा का दबदबा, 879 उम्मीदवार मैदान में
त्रिपुरा के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों का मुकाबला
त्रिपुरा में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें कुल 879 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 345 उम्मीदवारों के साथ सबसे आगे है, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 263 और कांग्रेस के 221 उम्मीदवार भी चुनावी दौड़ में शामिल हैं। इसके अलावा, टिपरा मोथा के 15 उम्मीदवार और अन्य दलों के 35 उम्मीदवार भी हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, 345 वार्डों वाले 21 शहरी स्थानीय निकायों के लिए कुल 1,109 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। अगरतला नगर निगम (एएमसी) में 51 वार्डों के लिए 164 उम्मीदवार हैं, जिनमें भाजपा और कांग्रेस से 51-51, माकपा से 44 और अन्य दलों से हैं। रानीरबाजार नगर परिषद की 13 सीटों पर केवल भाजपा के उम्मीदवार हैं, जबकि मोहनपुर नगर परिषद की 15 सीटों पर भी सभी उम्मीदवार भाजपा से हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा का चुनावी दबदबा है, जबकि माकपा और कांग्रेस की भी अच्छी भागीदारी है।
चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग ने 33 चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। राज्य चुनाव आयुक्त प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि इन पर्यवेक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई थी।
ये पर्यवेक्षक नामांकन पत्रों की जांच की निगरानी करेंगे और चुनावी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। वे रिटर्निंग अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे, मतदान केंद्रों का दौरा करेंगे और चुनाव के दौरान महत्वपूर्ण मौकों पर आयोग को नियमित रिपोर्ट सौंपेंगे। चक्रवर्ती ने आश्वासन दिया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के माध्यम से होने वाले ये चुनाव पूरी तरह से कानूनी दिशा-निर्देशों और चुनावी नियमों का पालन करते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में नगर निकाय चुनावों में ईवीएम का उपयोग तीसरी बार हो रहा है और यह प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित नियमों के अनुसार चल रही है। आयुक्त ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों और नामांकन केंद्रों तक जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार बिना किसी परेशानी के अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकें।
