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दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाताओं का डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के प्रति झुकाव

हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले 25% दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाता आगामी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की योजना बना रहे हैं। इस सर्वेक्षण में जीवनयापन की लागत, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। टेक्सास में मतदान की स्थिति और भेदभाव के मुद्दों पर भी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। जानें इस सर्वेक्षण के और भी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक समर्थन

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 27 अक्टूबर: 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले लगभग 25 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाता तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने का इरादा रखते हैं। यह जानकारी एक हालिया सर्वेक्षण से प्राप्त हुई है। इस सर्वेक्षण को 'इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट' नामक संगठन ने कराया, जिसमें जीवनयापन की लागत (65 प्रतिशत), स्वास्थ्य सेवा (53 प्रतिशत), रोजगार और वेतन (33 प्रतिशत) तथा शिक्षा (28 प्रतिशत) को चुनावों के प्रमुख मुद्दों के रूप में दर्शाया गया है.


सर्वेक्षण के परिणाम

सर्वेक्षण में शामिल 800 पंजीकृत दक्षिण एशियाई मतदाताओं में से 87 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी हैं, जबकि बाकी 13 प्रतिशत पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान और म्यांमा के अलावा कंबोडिया के खमेर समुदाय से संबंधित हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को वोट देने वाले 96 प्रतिशत लोग आगामी चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की योजना बना रहे हैं। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि ट्रंप को वोट देने वाले 67 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब भी रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करते हैं, लेकिन 25 प्रतिशत ने कहा कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे.


टेक्सास में मतदान की स्थिति

ये सर्वेक्षण के परिणाम ऐसे समय में आए हैं जब टेक्सास सहित कई राज्यों में समय से पहले मतदान शुरू हो चुका है। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको का मुकाबला ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन केन पैक्सटन से है, और दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। भारतीय-अमेरिकी वसंत भट्ट, जो रिपब्लिकन नेता सीनेटर टेड क्रूज के चुनाव प्रचार में प्रशिक्षु रह चुके हैं, ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने टालारिको को वोट दिया है। भट्ट ने लिखा, 'मैंने अभी जेम्स टालारिको के लिए अपना वोट डाला है।'


भेदभाव पर चिंताएं

दूसरी पीढ़ी के भारतीय-अमेरिकी होने के नाते, भट्ट ने विदेशी मूल के लोगों के प्रति नफरत, नस्ली द्वेष और अपनी पहचान पर बढ़ते हमलों के बारे में चिंता व्यक्त की। सर्वेक्षण में भेदभाव के मुद्दे पर भी चिंताएं सामने आईं, जिसमें 90 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने भेदभाव का सामना किया है या किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इनमें से 48 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने खुद भेदभाव का अनुभव किया है.


समुदाय की भूमिका

'इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट' के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने एक बयान में कहा, 'यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि हमारे समुदाय के जिन लोगों ने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था, उनमें से एक-चौथाई अब डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की योजना बना रहे हैं। यह समुदाय चुनाव में हार-जीत का अंतर तय कर सकता है और हम ऐसे हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।'