दिनेश शर्मा को उप राज्यपाल नियुक्ति: राजनीति में बदलाव के संकेत
दिनेश शर्मा की नई भूमिका
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और लखनऊ के पूर्व मेयर, दिनेश शर्मा, जिनकी उम्र 62 वर्ष है, को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उप राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे पूर्व सैन्य अधिकारी एडमिरल डीके जोशी की जगह लेंगे। इस नियुक्ति के पीछे एक बड़ा सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के नजदीक आने पर एक वरिष्ठ नेता को राज्य से क्यों हटाया जा रहा है? दिनेश शर्मा वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन उनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। ऐसे में, एक सक्रिय नेता को केंद्र शासित प्रदेश का उप राज्यपाल बनाना समझ से परे है। यह सवाल उठता है कि क्या उनके प्रति किसी की नापसंदगी है?
दिनेश शर्मा को पहले ही सेमी रिटायरमेंट में भेजा जा चुका था। 2014 में, जब वे केवल 50 वर्ष के थे, तब वे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने। 2017 में, जब भाजपा ने उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई, तो उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया, और वे 2022 तक इस पद पर रहे। इसके बाद, उन्हें राज्यसभा में भेजा गया, लेकिन संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई। एक समय पर उन्हें बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब वे हाशिए पर चले गए हैं। यह कहना मुश्किल है कि भाजपा ने ब्राह्मण राजनीति को साधने के लिए उन्हें उप राज्यपाल बनाया है, क्योंकि इसके लिए अन्य नेता भी उपलब्ध हैं।
