Newzfatafatlogo

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पंजाब में नशा मुक्त यात्रा का शुभारंभ किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में नशा मुक्त यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य में नशे की समस्या के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। यात्रा 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे। जानें इस यात्रा के बारे में और क्या है इसके पीछे का मकसद।
 | 

पंजाब में दूसरी नशा मुक्त यात्रा का आगाज


दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में माथा टेका। इसके बाद, उन्होंने बीजेपी द्वारा आयोजित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। माथा टेकने के बाद, गुप्ता ने कहा कि उन्होंने गुरु साहिब से प्रार्थना की है कि पंजाब की जनता को नशे की समस्या से लड़ने की शक्ति मिले। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली और पूरा देश पंजाब के साथ खड़ा है।


फतेहगढ़ साहिब से यात्रा की शुरुआत

बीजेपी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' 18 सितंबर से शुरू हुई है। पार्टी ने राज्य में चार अलग-अलग यात्राओं का आयोजन किया है। पहली यात्रा 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से शुरू हुई थी, जिसे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रवाना किया। दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई, जिसे रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाई। यह यात्रा जालंधर पहुंचने से पहले कई विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।


चार यात्राएं, लगभग 4000 किमी का मार्ग

बीजेपी की यह 13 दिवसीय मुहिम पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचने के लिए लगभग 4000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। चारों यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। पहली यात्रा पठानकोट से शुरू होकर कई विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी। दूसरी यात्रा फतेहगढ़ साहिब से शुरू होकर मालवा और दोआबा क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्रों से होकर जाएगी।


30 सितंबर को जालंधर में समापन

बीजेपी की योजना के अनुसार, चारों यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में एकत्र होंगी, जहां पार्टी की ओर से एक समापन जनसभा का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस सभा को संबोधित करने की योजना बना रहे हैं। बीजेपी इस अभियान को नशे के खिलाफ जन जागरूकता और जन भागीदारी से जोड़कर पेश कर रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए हैं।