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दिल्ली के उस्मानपुर में मकान की छत गिरने से दंपति की मौत, बेटा सुरक्षित

दिल्ली के उस्मानपुर में एक मकान की छत गिरने से एक दंपति की जान चली गई, जबकि उनका 10 वर्षीय बेटा सुरक्षित बच गया। यह हादसा रविवार रात हुआ, जब छत अचानक गिर गई। प्रारंभिक जांच में बारिश के कारण छत की मजबूती कमजोर होने की आशंका जताई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानें इस दर्दनाक घटना के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
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दिल्ली में दर्दनाक हादसा

दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर क्षेत्र में रविवार रात एक गंभीर घटना घटी। घोंडा के जेपी नगर पांचवां पुस्ता में एक मकान की छत अचानक गिर गई, जिससे पति-पत्नी की जान चली गई। इस हादसे में उनका 9-10 वर्षीय बेटा सुरक्षित बच गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पुलिस की सहायता से दोनों घायलों को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


मृतकों की पहचान टिंकू (32 वर्ष) और उनकी पत्नी उर्मिला (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के एटा/मैनपुरी क्षेत्र के निवासी थे और जेपी नगर में किराए पर रह रहे थे। इस हादसे के समय उनका 10 वर्षीय बेटा आकाश घटना से कुछ ही समय पहले कमरे से बाहर निकल गया था। यदि वह कमरे में होता, तो वह भी इस दुर्घटना का शिकार हो सकता था।



प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जिस मकान की छत गिरी, वह लगभग 20 वर्ष पुराना था। लगातार हो रही बारिश के कारण छत पर पानी और मलबा जमा हो गया था, जिससे उसकी मजबूती कमजोर हो गई और वह अचानक गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस, दमकल विभाग और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।


मुख्य अग्निशमन अधिकारी एके मलिक ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे मकान गिरने की सूचना मिली। शास्त्री पार्क अग्निशमन केंद्र से 03 वाटर टेंडर और 01 आईआरटी घटनास्थल पर भेजे गए। घटनास्थल पर पहुंचने पर पता चला कि लगभग 120 वर्ग फुट क्षेत्रफल की जी+1 इमारत की छत गिरने से पति-पत्नी मलबे में दब गए थे। स्थानीय लोगों और पुलिस ने दिल्ली अग्निशमन सेवा के पहुंचने से पहले ही उन्हें निकालकर CATS एम्बुलेंस से जग प्रवेश अस्पताल भेज दिया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या हादसा केवल जर्जर मकान के कारण हुआ या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही भी शामिल थी।