दिल्ली में CJP और सरकार के बीच वार्ता: प्रदर्शनकारियों का बढ़ता समर्थन
नई दिल्ली में प्रदर्शन का नया मोड़
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन में विवाद और कथित लाठीचार्ज के बाद आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है। राजधानी में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। इस सिलसिले में, CJP के प्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा से मिलने वाले हैं। CJP के प्रवक्ता ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है।
CJP की मांगें और युवा समर्थन
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया था, जिसके बाद यह बैठक तय हुई। दास ने स्पष्ट किया कि पार्टी की मांगें पहले से ही ज्ञात हैं और वे इन्हें सरकार के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश
सोमवार को, बड़ी संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ता मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान, प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिलाओं की भी इस प्रदर्शन में अच्छी भागीदारी थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में जवान तैनात किए थे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।
मार्च की अनुमति न मिलने का कारण
दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके कारण संसद की ओर प्रस्तावित मार्च की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस ने संसद भवन और प्रमुख सरकारी कार्यालयों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
पुलिस का बयान
प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज और हिंसा से जुड़े कई दावे सामने आए हैं। इन पर प्रतिक्रिया देते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि हिंसा और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की खबरें भ्रामक हैं। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक जानकारी पर विश्वास करने की अपील की है।
