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दिल्ली में CJP का आंदोलन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद, पीएम मोदी ने छात्रों के हितों की बात की है। मल्लिकार्जुन खरगे ने बल प्रयोग के खिलाफ अपना जन्मदिन न मनाने का निर्णय लिया है। ओवैसी ने सरकार से बातचीत की अपील की है। दिल्ली हाई कोर्ट में पुलिस के बल प्रयोग पर सुनवाई होने वाली है। जानें इस आंदोलन के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
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दिल्ली में CJP का आंदोलन जारी


नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को भी जंतर मंतर पर जारी रहा। सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। इस बीच, पीएम मोदी, मल्लिकार्जुन खरगे और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं के राजनीतिक बयान भी सामने आ रहे हैं।


पीएम मोदी का बयान

सोमवार को हुए छात्र प्रदर्शन के बाद, पीएम नरेंद्र मोदी ने एक समारोह में कहा कि नीट परीक्षा के पेपर लीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और छात्रों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने बड़े वकीलों से अपील की कि वे लीक से जुड़े मामलों में आरोपियों को सख्त सजा दिलाने में मदद करें।


मल्लिकार्जुन खरगे का जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट पेपर लीक मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग से वह बहुत आहत हैं, इसलिए वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया।


ओवैसी का बयान

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार को बल प्रयोग करने से पहले प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी संसद परिसर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, उनका विरोध जारी रहेगा।


दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट में पुलिस के बल प्रयोग से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई कल होगी। अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया है। इसके अलावा, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। हाई कोर्ट ने अस्पताल से उनकी मेडिकल रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन मांगा है।


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

सोमवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी मांगें रखीं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, सरकार ने किसी भी मांग पर ठोस आश्वासन नहीं दिया। जेपी नड्डा ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की। CJP ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे बड़ी मांग है और जब तक इस पर निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।


दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की

सोमवार को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस हिंसा में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।