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दिल्ली में CJP का प्रदर्शन: क्या है मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग?

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए इस विरोध में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी और सोनम वांगचुक जैसे नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है। जानें, प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ और इसके पीछे की राजनीतिक वजहें क्या हैं।
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दिल्ली में CJP का विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली: 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन ने दिल्ली में राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी। इसके परिणामस्वरूप, राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस की बैरिकेडिंग और सख्त निगरानी के कारण प्रदर्शनकारी विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा हुए और विरोध कई छोटे प्रदर्शनों में बंट गया।


इस बीच, विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाए। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म 6 की प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। पार्टी इन मुद्दों के चलते उनके इस्तीफे की मांग कर रही है।


सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन बंद


प्रदर्शन के मद्देनजर, दिल्ली में लगभग 25,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। कई क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई और लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी गई। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन भी बंद कर दिए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार, शुक्रवार रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद करने का निर्णय लिया गया था, और इन्हें शनिवार रात 10 बजे तक बंद रखने का फैसला किया गया था।


सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम 5 बजे तक कम से कम 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें विभिन्न संगठनों के नेता भी शामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग न करने का आश्वासन दिया। इसी बीच, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान से अभिनेता इमरान खान को भी CJP के समर्थन में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।


राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने सरकार को घेरा


प्रदर्शन और गिरफ्तारियों के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि चाहे सरकार कितनी भी पुलिस तैनात करे और नेताओं को हिरासत में ले, आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। राहुल ने संविधान की रक्षा और जनता की आवाज उठाने का वादा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं पर भी निशाना साधा।



सोनम वांगचुक की चेतावनी

सोनम वांगचुक की चेतावनी, रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन


सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मौजूदा स्थिति को अघोषित आपातकाल जैसा बताया और हिरासत में लिए गए नेताओं की शीघ्र रिहाई की मांग की।



अजिंक्य शिंदे का संदेश

अजिंक्य शिंदे की समर्थकों से अपील


CJP का नेतृत्व संभालने के बाद, अजिंक्य शिंदे ने एक वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां भी पुलिस उन्हें रोके, समर्थक उसी स्थान को अपना जंतर-मंतर बना लें। इसके साथ ही, सोमवार को INDIA गठबंधन द्वारा भी प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। इससे CJP के प्रदर्शन और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई को लेकर राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत मिलते हैं।