दिल्ली में CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हिंसा, 50 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल
नई दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं हुईं। इस हिंसा में 50 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। अब वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
पथराव और अफरा-तफरी
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कुछ उपद्रवी तत्वों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिससे कई स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिली है। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया।
सुरक्षाकर्मियों की स्थिति
50 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल
झड़प के दौरान 50 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवान घायल हुए, जिनमें लगभग 10 अधिकारी भी शामिल हैं। कई घायल सुरक्षाकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस की कार्रवाई के दृश्य भी दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन वीडियो की भी जांच कर रही है।
हिरासत में लिए गए लोग
100 से ज्यादा लोग हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग, पटेल चौक, कांस्टीट्यूशन क्लब, शास्त्री भवन और आसपास के क्षेत्रों से 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की हिंसा में भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच की प्रक्रिया
फुटेज के आधार पर होगी पहचान
पुलिस ने हिंसा से जुड़े मामलों की जांच को तेज कर दिया है। विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और वायरल वीडियो की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटनाओं के बाद राजधानी में सुरक्षा को और सख्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, जंतर मंतर और कनॉट प्लेस जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं। हालात की समीक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों ने कई उच्च स्तरीय बैठकें भी की हैं।
