दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली ने व्यापार को बढ़ावा दिया: कांग्रेस का दावा
कांग्रेस और भाजपा के बीच व्यापार पर प्रभाव का विवाद
कांग्रेस बनाम भाजपा: दिल्ली में विपक्षी INDIA गठबंधन की 'दिल्ली चलो' मेगा रैली को लेकर CTI और भाजपा ने व्यापारियों को संभावित नुकसान की चेतावनी दी थी। व्यापारी संगठन ने कहा था कि रामलीला मैदान में होने वाली रैली के कारण ट्रैफिक जाम से व्यापार ठप हो जाएगा, जिससे उन्हें भारी नुकसान होगा। हालांकि, कांग्रेस ने यह दावा किया है कि रैली में शामिल होने वाले लोगों ने दिल्ली में खूब खरीदारी की, जिससे भाजपा का प्रचार विफल हो गया।
कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को एक समाचार रिपोर्ट साझा की, जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक रैली के दौरान नुकसान की आशंकाएं गलत साबित हुईं। कांग्रेस की रैली और भाजपा के जुलूस के रास्तों पर दुकानें खुली रहीं। कनॉट प्लेस, जनपथ और पालिका बाजार में गतिविधियां जारी रहीं। इस दौरान रेस्टोरेंट, होटल और छोटे दुकानदारों को लाभ होने का दावा किया गया। रमेश ने लिखा, "भाजपा का पूरा प्रचार पंक्चर हो गया!"
भाजपा का पूरा प्रोपेगेंडा पंक्चर हो गया!
INDIA गठबंधन की महारैली को बदनाम करने और लोगों को दिल्ली आने से रोकने के लिए व्यापारियों के नुकसान और बाजार बंद होने का डर फैलाया गया। हर कोई समझ सकता था कि जब देश भर से लोग आएंगे तो वे ख़रीददारी भी करेंगे। दिल्ली में काम करने वाले हर कारोबारी को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से फायदा होगा।
भाजपा द्वारा गढ़े गए इस झूठे और तर्कहीन दुष्प्रचार का मकसद साफ था: ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए वोट चोरी और चुनाव आयोग की जवाबदेही के असली मुद्दे से देश का ध्यान भटकाना और लोगों को महारैली में शामिल होने से हतोत्साहित करना। लेकिन हुआ इसका बिल्कुल उलट।
दिल्ली की जनता और देशभर से आए लोगों ने इस दुष्प्रचार का जवाब अपने तरीके से दिया। राहुल गांधी जी की अपील पर लोगों ने दिल्ली के बाजारों में खरीदारी की। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में दुकानें खुलीं और कारोबार जमकर हुआ। इसके अलावा छोटे-छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों से भी लोगों ने जमकर सामान खरीदा। अखबारों की रिपोर्ट खुद इस झूठे नैरेटिव की पोल खोल रही हैं।
दिल्ली के व्यापारियों, दुकानदारों और उन तमाम नागरिकों का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने इस अपील को अपनाया और लोकतांत्रिक विरोध के साथ स्थानीय कारोबार का भी साथ दिया।
भाजपा को समझना चाहिए कि लोकतंत्र की आवाज़ को न डर से दबाया जा सकता है, न दुष्प्रचार से।
झांसामन्त्री जी और भाजपा को समझ लेना चाहिए कि देश की जनता उनकी इन हरकतों को पिछले 12 सालों से देख रही है और अब उनके किसी झांसे में नहीं आने वाली है। जनता वोट का अधिकार भी बचाएगी, कारोबार भी चलाएगी और जवाबदेही भी मांगेगी।
वोट चोर, गद्दी छोड़!
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) November 2, 2026
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनका झूठा प्रचार केवल ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए था और इससे लोगों को महारैली में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन, दिल्ली की जनता और अन्य राज्यों से आए लोगों ने इस दुष्प्रचार का जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी की अपील पर दिल्ली के बाजारों में खरीदारी की। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में भी दुकानें खुली रहीं और कारोबार में वृद्धि हुई।
उन्होंने कहा, "दिल्ली के व्यापारियों, दुकानदारों और नागरिकों का धन्यवाद, जिन्होंने इस अपील को अपनाया और लोकतांत्रिक विरोध के साथ स्थानीय कारोबार का समर्थन किया। भाजपा को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र की आवाज़ को न तो डर से दबाया जा सकता है और न ही दुष्प्रचार से।"
