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दिल्ली में NEET परीक्षा के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन: सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी चौकसी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है। पुलिस ने सुरक्षा को कड़ा करते हुए तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। प्रदर्शन के दौरान कुछ आपराधिक तत्वों की पहचान की गई है, और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और पुलिस की तैयारियों के बारे में।
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नई दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन


नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन के मद्देनजर, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।


प्रदर्शन में शामिल हुए आपराधिक तत्व

20 जुलाई को जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। अब तक इस मामले में 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस घटनाक्रम में 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल हुए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसे लोग भी शामिल हुए, जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। प्रारंभिक जांच में दो हजार से अधिक ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।


सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जंतर-मंतर और उसके आस-पास हर दिन लगभग 10 हजार लोग मौजूद रहते हैं। इसी कारण पूरे क्षेत्र में लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना किया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास 100 से अधिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरे लगाए गए हैं।


पुलिस का कहना है कि इन कैमरों का उद्देश्य आम प्रदर्शनकारियों की निगरानी करना नहीं, बल्कि भीड़ में छिपे हुए वांछित अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और अन्य असामाजिक तत्वों की पहचान करना है।


उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे

अधिकारियों के अनुसार, ये उच्च-रिजॉल्यूशन तकनीक से लैस कैमरे दूर से भी चेहरे की तस्वीरें कैप्चर कर सकते हैं। इसके बाद इन तस्वीरों का मिलान दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से किया जाता है। यदि किसी वांछित या फरार आरोपी की पहचान होती है, तो संबंधित पुलिस इकाई को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है, जिससे आवश्यक कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू की जा सके।


इसके अलावा, जंतर-मंतर और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पांच स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। मुख्य प्रवेश मार्गों पर मजबूत बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री बलों की भी तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि पूरी व्यवस्था का उद्देश्य शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना और किसी भी कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करना है।