दिल्ली में इमारत ढहने के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना
दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक इमारत के ढहने के बाद प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। इस दुर्घटना में कम से कम सात लोगों की जान चली गई है, और लापता व्यक्तियों की खोज एवं बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी है। इस मामले में, दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण क्षेत्र के पांच अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने चार या उससे अधिक मंजिलों वाले अवैध ढांचों को तुरंत सील करने का आदेश दिया है।
निलंबित अधिकारियों की सूची
दिल्ली नगर निगम के आदेश के अनुसार, दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता रणवीर सिंह, और कार्यकारी अभियंता ललित कुमार गोयल को निलंबित किया गया है। इसके अलावा, सहायक अभियंता सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि अनुशासनात्मक प्रक्रिया पूरी होने तक सभी अधिकारी निलंबित रहेंगे और उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
हादसे का कारण: बेसमेंट में निर्माण
रविवार दोपहर को सत्य निकेतन की घनी आबादी वाली कॉलोनी में पी-14 इमारत अचानक ढह गई। अधिकारियों के अनुसार, यहां लड़कों के लिए चल रहे पेइंग गेस्ट आवास के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान इमारत की संरचना को नुकसान पहुंचा, जिससे पूरा ढांचा गिर गया। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
इमारत का विवरण
दिल्ली नगर निगम के अनुसार, ढही हुई इमारत लगभग 55 वर्ग गज के भूखंड पर स्थित थी। इसमें बेसमेंट के साथ भूतल से चौथी मंजिल तक निर्माण था। रिकॉर्ड के अनुसार, यह इमारत 1990 के दशक में बनाई गई थी। संपत्ति से संबंधित बुकिंग, सीलिंग या शिकायत का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस भवन के लिए कोई स्वीकृत नक्शा भी उपलब्ध नहीं था।
अवैध निर्माण पर सख्ती
इस हादसे के बाद, दिल्ली सरकार ने चार या उससे अधिक मंजिलों वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दिल्ली नगर निगम के नोटिस में ऐसे सभी ढांचों को तुरंत सील करने की बात कही गई है। इसके साथ ही, लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन अब अवैध निर्माण की पहचान और उन्हें समय पर रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
