दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में टकराव जारी
संसद में सरकार और विपक्ष के बीच विवाद
दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सामान्य चर्चा नहीं चाहता, बल्कि यह जानना चाहता है कि 20 जून को हुई कार्रवाई की अनुमति किसने दी थी। सरकार ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की पेशकश की है।
राहुल गांधी की सीधी मांग
राहुल गांधी ने सरकार की छात्र मुद्दों पर चर्चा की पेशकश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्ट जवाब चाहता है कि 20 जून को प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की अनुमति किसने दी। गांधी ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और पैलेट गन के इस्तेमाल के सवाल भी उठाए गए हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
सरकार ने चर्चा के लिए दी सहमति
राहुल गांधी के बयान से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे। रिजिजू ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही बाधित न करने और चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष सुनने की अपील की।
कांग्रेस ने की संसदीय जांच की मांग
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि यह पुलिस कार्रवाई गंभीर मामला है और इसकी संसदीय जांच होनी चाहिए।
संसद में गतिरोध जारी
छात्र प्रदर्शन का मुद्दा संसद की कार्यवाही पर भी प्रभाव डाल रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए इस मामले की जिम्मेदारी गृह मंत्री की बनती है।
इस बीच, मानसून सत्र में कुछ ही दिन बचे हैं और कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य लंबित हैं। कांग्रेस ने अपने सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। पार्टी ने अपने सहयोगी दलों से भी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
