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दिल्ली में पीजी इमारत गिरने पर CJP ने उठाए सवाल

दिल्ली के सत्या निकेतन में एक पीजी इमारत के गिरने की घटना ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास को प्रशासन और राज्य सरकार पर सवाल उठाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमसीडी द्वारा खतरनाक घोषित की गई इमारत में निर्माण कार्य जारी रहा, जिससे छात्रों की जान जोखिम में पड़ी। CJP ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है और प्रभावित छात्रों की सहायता के लिए तत्पर है।
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CJP प्रवक्ता ने प्रशासन को घेरा


दिल्ली के सत्या निकेतन में एक पीजी इमारत के गिरने की घटना पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने राज्य सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग युवाओं को 'कॉकरोच' जैसी स्थिति में जीने के लिए छोड़ चुके हैं। जब जागरूक युवा इस अव्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें 'नाराज फूफा' या 'दिमागी नक्सल' जैसे तंजों से खारिज कर दिया जाता है।


निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप

सौरव दास ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एमसीडी ने उस इमारत को खतरनाक घोषित करते हुए नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद, वहां निर्माण कार्य जारी रहा और पीजी का संचालन भी होता रहा। प्रशासन ने छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने या पीजी को खाली कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, जिससे छात्रों की जान खतरे में पड़ गई।


'PG माफिया' की जांच की मांग

CJP प्रवक्ता ने मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया कि क्या बिना राजनीतिक संरक्षण के ऐसा अवैध पीजी माफिया और गठजोड़ संभव है? उन्होंने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की और इमारत के मालिक के राजनीतिक संबंधों का खुलासा करने की आवश्यकता बताई।


CJP टीम प्रभावित छात्रों की सहायता में

दास ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही CJP की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी और तब से वहीं मौजूद है। पार्टी अपने सीमित संसाधनों के माध्यम से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने प्रशासन से दोषी अधिकारियों और पीजी मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।


ट्विटर पर CJP का बयान