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दिल्ली में मंत्री प्रवेश वर्मा का थप्पड़ कांड: विपक्ष ने उठाए सवाल

दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया, जब वह सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा था। इस घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है, जिसमें विपक्षी दलों ने वर्मा और बीजेपी पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, आरोप लगाते हुए कि बीजेपी जनता के सवालों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा ले रही है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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प्रवेश वर्मा का विवादास्पद थप्पड़

प्रवेश वर्मा का थप्पड़ कांड: दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक युवक को उस समय थप्पड़ मार दिया जब वह निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा था। इस घटना ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मामले को लेकर वर्मा और बीजेपी पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि बीजेपी-आरएसएस केवल नीतियों से ही लोकतंत्र को नहीं कुचल रहे, बल्कि अब लाठी-डंडे के जरिए जनता पर सीधे हमला कर रहे हैं।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खरगे ने लिखा, "विपक्ष पर ED-CBI, जनता पर थप्पड़-लाठी-गोली! मोदी जी की बीजेपी, लोगों के सवालों से इतनी घबरा गई है कि 'नाराज़ फूफा', 'दिमाग़ी नक्सल' और 'आंदोलनजीवी' जैसे अपशब्द भी अब फीके पड़ गए हैं। तानाशाह बीजेपी-आरएसएस सीधे हिंसा पर उतर आए हैं। दिल्ली के मंत्री युवा को थप्पड़ मार रहे हैं।"



उन्होंने आगे कहा, "जब सत्ता का अहंकार चरम पर होता है, तो जनता का दमन और अपमान एक आदत बन जाती है। बीजेपी-आरएसएस केवल नीतियों से ही लोकतंत्र को नहीं कुचल रहे, बल्कि अब लाठी-डंडे के जरिए जनता पर सीधे हमला कर रहे हैं।" इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस थप्पड़ कांड पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "दिल्ली की बीजेपी सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक युवक को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। उसका गुनाह? वह वीडियो बना रहा था। मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था। यह उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है।"



राहुल ने आगे लिखा, "सड़क पर सवाल पूछो – थप्पड़। पेपर लीक पर सवाल पूछो – लाठी। संसद में सवाल पूछो – माइक बंद। ये लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि इन्हें अब ये डर ही नहीं कि चुनाव इन्हें हटा सकता है। वोट चोरी यही ख़रीदती है – सिर्फ़ नतीजा नहीं, उसके बाद आने वाला अहंकार भी। जो सरकार जीत को पक्का मान लेती है, उसे आपकी रज़ामंदी नहीं चाहिए – आपकी ख़ामोशी और अंधभक्ति चाहिए।"