दिल्ली में शरद पवार की पोती के विवाह रिसेप्शन में सियासत की गर्मजोशी
राजनीतिक धुर विरोधियों का मिलन
नई दिल्ली: जब भी दिल्ली के राजनीतिक दिग्गज आमने-सामने आते हैं, तो उनकी प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजरें होती हैं। सोमवार को राजधानी में एक ऐसा अवसर आया, जब सियासत की कड़वाहटें पीछे छूट गईं। यह अवसर था राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार की पोती रेवती सुले और सारंग लखानी के विवाह का भव्य रिसेप्शन। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया, जहाँ उनके और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बीच की गर्मजोशी ने सबका ध्यान खींचा।
सभी दिग्गज एक छत के नीचे
इस मांगलिक समारोह की एक खास बात यह थी कि यहाँ विचारधाराओं की सीमाएं धुंधली हो गईं। शरद पवार ने खुद अतिथियों का स्वागत किया। रिसेप्शन की तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार एक-दूसरे के पास बैठे नजर आए और दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत होती रही।
प्रधानमंत्री ने नवविवाहित जोड़े रेवती और सारंग को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और परिवार के सदस्यों के साथ आत्मीय संवाद किया। इस समारोह में सत्ता पक्ष और विपक्ष का अनूठा संगम देखने को मिला।
महत्वपूर्ण मुलाकात और सियासी हलचल
20 मिनट की मुलाकात
इस पारिवारिक आयोजन से पहले, सोमवार को एक और महत्वपूर्ण मुलाकात हुई थी। सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी के आठ सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक लगभग 20 मिनट तक चली, जिसके बाद 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर चर्चाएं शुरू हो गईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे, जबकि विपक्ष के प्रमुख चेहरे भी मौजूद रहे। राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
इस मुलाकात को प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर पार्टी के संभावित रुख से जोड़ा जाने लगा। हालांकि, यह स्पष्ट हुआ कि बैठक में परिसीमन का विषय नहीं उठाया गया था, फिर भी इस पर हलचल होना स्वाभाविक था। सुप्रिया सुले पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि किसी भी परिसीमन विधेयक का समर्थन इस बात पर निर्भर करेगा कि उनकी आवश्यक मांगों को मसौदे में शामिल किया जाता है या नहीं। इन दो अलग-अलग मुलाकातों ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं का आधार बना दिया है।
