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दिल्ली में होने वाली रैली: कांग्रेस और सहयोगी दलों की तैयारी

दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ अन्य सहयोगी दलों की भी भागीदारी होगी। रैली की योजना सभी दलों की सहमति से बनाई गई है, जिसमें समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल की महत्वपूर्ण भूमिका है। सपा अपने समर्थकों को रैली में लाने की तैयारी कर रही है, जबकि राजद ने भी अपने कार्यकर्ताओं से दिल्ली आने की अपील की है। इस रैली में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भी शामिल होगी, लेकिन पश्चिम बंगाल से अधिक संख्या में लोगों को लाना चुनौतीपूर्ण है।
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रैली का महत्व और तैयारी


दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली केवल कांग्रेस पार्टी की नहीं है। हालांकि कांग्रेस ने इसकी योजना बनाई है और सबसे अधिक तैयारी की है, यह रैली 'इंडिया' ब्लॉक की है। बताया गया है कि रैली का निर्णय सभी सहयोगी दलों की सहमति से लिया गया है। इसके बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को समन्वय का कार्य सौंपा गया है, जो सभी पार्टियों के संपर्क में हैं।


समाजवादी पार्टी (सपा) की भूमिका इस रैली को सफल बनाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि सपा चाहे, तो वह बड़ी संख्या में लोगों को रैली में ला सकती है। सपा के कार्यकर्ता रैली की तैयारी कर रहे हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने वाले नेता अपने समर्थकों के साथ शामिल होंगे।


बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी अपने कार्यकर्ताओं से दिल्ली आने की अपील की है। पार्टी ने एक पत्र जारी किया है जिसमें चुनाव आयोग की गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है और लोगों से रैली में शामिल होने का आग्रह किया गया है। राजद के कार्यकर्ता दिल्ली में बिहार के लोगों को भी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।


ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भी इस रैली का हिस्सा है, लेकिन पश्चिम बंगाल से अधिक संख्या में लोगों को लाना संभव नहीं है। आम आदमी पार्टी (आप) रैली से दूर रहने का निर्णय लिया है। यदि आप शामिल होती, तो दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग जुट सकते थे। लेकिन आप और कॉकरोच जनता पार्टी अलग-अलग प्रदर्शन कर रहे हैं। लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठन भी रैली की सफलता के लिए तैयारी कर रहे हैं।