दिल्ली में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर संयुक्त संसदीय समिति का स्वागत
दिल्ली सचिवालय में समिति का स्वागत
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से संबंधित दो संशोधन विधेयकों पर अध्ययन के लिए आई संसद की संयुक्त संसदीय समिति के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। यह समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के विभिन्न पहलुओं पर राज्यों और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए दिल्ली आई है। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और प्रशासनिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। दिल्ली सरकार इस विषय पर गंभीरता से अपने सुझाव प्रदान करेगी।
समिति की बैठक और चर्चा
समिति के अध्यक्ष श्री पी. पी. चौधरी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला और अन्य सांसद शामिल थे। बैठक में, समिति ने दोनों विधेयकों के संवैधानिक, विधिक और प्रशासनिक पहलुओं पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। इस चर्चा में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनावों का समन्वय, चुनावी चक्र का एकीकरण, और प्रशासनिक तैयारियों जैसे विषयों पर विचार किया गया।
एक साथ चुनावों की आवश्यकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देश में एक साथ चुनाव कराना समय की मांग है। इससे संसाधनों की बचत होगी और प्रशासनिक व्यवस्था चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं और सरकारी मशीनरी का बड़ा हिस्सा चुनावी दायित्वों में लग जाता है।
दिल्ली का चुनावी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार चुनावों से सरकारों का कार्यकाल भी प्रभावित होता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जिससे सरकारें बिना किसी व्यवधान के जनता के विकास के लिए कार्य कर सकें। दिल्ली के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी का चुनावी कार्यक्रम लोकसभा चुनाव से लगभग एक वर्ष के अंतर पर होता है।
दिल्ली सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देश का ऐसा महानगर है जहां विभिन्न राज्यों के नागरिक निवास करते हैं, इसलिए चुनावी व्यवहार का अध्ययन यहां विशेष महत्व रखता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार सभी विषयों पर विस्तृत अध्ययन कर अपने सुझाव प्रस्तुत करेगी ताकि समिति अपनी अनुशंसाएं तैयार करते समय दिल्ली की परिस्थितियों का ध्यान रख सके।
संविधान की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार हर सुधार का समर्थन करती है जो सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिवर्तन के दौरान संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की सुरक्षा आवश्यक है। बैठक के अंत में, उन्होंने समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
