देहरादून में 16 करोड़ का पुल पहली बारिश में ध्वस्त
पुल की गुणवत्ता पर उठे सवाल
नई दिल्ली। देहरादून के नंदा की चौकी के निकट हाल ही में निर्मित पुल पहली मानसून की बारिश में ही ध्वस्त हो गया। इस पुल का निर्माण लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। बारिश के दौरान पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई। यह पुल देहरादून-पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर टौंस नदी पर स्थित है। हाल ही में शुरू किया गया यह पुल पहली बारिश में ही गंभीर क्षति का शिकार हो गया।
मार्च 2026 में पुल का पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुआ
11 जुलाई की रात को टौंस नदी के उफान ने अस्थाई पुल को बहा दिया था, जिससे क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। लोक निर्माण विभाग ने बचा काम पूरा कर 12 जुलाई से मुख्य पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी थी। लेकिन 17 दिनों के भीतर ही पुल में धंसाव आ गया, जिससे इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे हैं।
BJP का 'करप्शन मॉडल' pic.twitter.com/3zIUB2l5Io
— कांग्रेस (@INCIndia) 28 जुलाई 2026
उत्तराखंड में पुल की विफलता पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो और फोटो साझा किए, जिसमें लिखा गया कि 'फ्रेंड्स, BJP सरकार का भ्रष्टाचार देख लीजिए।' उन्होंने कहा कि 16 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका। उन्होंने इसे 'ब्लैकहोल टेक्नोलॉजी' से बनाने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी सरकार का ध्यान केवल घपलेबाजी पर है, जनता की समस्याओं की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
फ्रेंड्स, BJP सरकार का भ्रष्टाचार देख लीजिए
उत्तराखंड के देहरादून में 16 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका।
शायद इसे ‘ब्लैकहोल टेक्नोलॉजी’ से बनाया गया होगा।
लेकिन इससे ये तो साफ है कि नरेंद्र मोदी और उनके नेताओं का पूरा फोकस सिर्फ घपलेबाजी पर है।
जनता… pic.twitter.com/huyplM51rm
— कांग्रेस (@INCIndia) 28 जुलाई 2026

