Newzfatafatlogo

धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान: 'मैं AC कमरे में नहीं, सड़क पर लड़ने वाला नेता हूं'

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह 'सड़क पर लड़ने वाले नेता' हैं, न कि 'AC कमरे में बैठने वाले एक्टिविस्ट'। प्रधान ने NEET मामले में सरकार की त्वरित कार्रवाई का उल्लेख किया और अपने इस्तीफे के कारणों को स्पष्ट किया। इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षा सुधारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। जानें इस मामले में सरकार के नए कदम और राजनीतिक संदेश क्या हैं।
 | 

धर्मेंद्र प्रधान का बयान


नई दिल्ली: NEET पेपर लीक के विवाद के बाद शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ दिन बाद, धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। सोमवार को संसद में उन्होंने कहा कि वह 'AC कमरे में बैठकर काम करने वाले एक्टिविस्ट' नहीं हैं, बल्कि 'सड़क पर लड़ने वाले नेता' हैं। उन्होंने NEET मामले में सरकार की त्वरित कार्रवाई का भी उल्लेख किया।


जयराम रमेश से बातचीत

संसद में जयराम रमेश से हुई बातचीत


मॉनसून सत्र के दौरान, प्रधान की मुलाकात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश से हुई। इस दौरान दोनों ने पुराने दिनों को याद किया। रमेश ने वाजपेयी सरकार का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे वह बिना चुने हुए सांसद बने मंत्री बने थे।


इस पर प्रधान ने कहा, 'कुछ नहीं होता। मैं सड़क पर लड़ने वाला नेता हूं, AC कमरे में बैठकर काम करने वाला एक्टिविस्ट नहीं।' यह बयान उनके इस्तीफे के बाद का पहला सार्वजनिक बयान था।


NEET मामले पर प्रधान की टिप्पणी

NEET पर प्रधान ने क्या कहा?


प्रधान ने कहा कि जैसे ही पेपर लीक की खबर आई, सरकार ने तुरंत इसकी जांच CBI को सौंप दी और परीक्षा को समय पर दोबारा आयोजित किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह 'कभी हालात से पीछे नहीं हटे' और 'एग्जाम माफिया' को छात्रों का भविष्य बर्बाद नहीं करने देंगे।


इस्तीफे के कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने X पर लिखा, 'जंतर-मंतर और देशभर के हालात को देखते हुए, देश-विरोधी ताकतों को फायदा न मिले, राष्ट्रीय एकता बनी रहे और किसी छात्र का भविष्य कानून के चक्कर में न फंसे, इसलिए मैंने PM को इस्तीफा सौंपा।' उन्होंने यह भी कहा कि वह शिक्षा सुधार और युवाओं के सपनों के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे।


सरकार के नए कदम

सरकार के नए कदम


प्रधान के इस्तीफे के बाद, प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया। सरकार ने संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल 2026' पेश किया, जिसका उद्देश्य पेपर लीक को रोकना और दोषियों को सख्त सजा देना है।


इसके साथ ही, सरकार ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में शिक्षा सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी बनाई है। PM मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी।


राजनीतिक संदेश

राजनीतिक संदेश


BJP नेताओं का मानना है कि प्रधान का 'स्ट्रीट फाइटर' वाला बयान पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने के लिए था कि वह एक सक्रिय नेता हैं। वहीं, विपक्ष इसे बचाव की कोशिश के रूप में देख रहा है।


हालांकि प्रधान मंत्री पद पर नहीं हैं, लेकिन पार्टी में उनकी भूमिका पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। संसद में BJP सांसदों ने उनके स्वागत में 'धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद' के नारे भी लगाए।