धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके का बयान: लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद, सीजेपी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की एक बड़ी जीत करार दिया और कहा कि, अभी हमारी दो अन्य मांगें भी बाकी हैं, जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
अभिजीत दीपके की मांगें
अभिजीत दीपके ने कहा कि, हमारी दूसरी मांग यह है कि, नीट परीक्षा के लीक होने के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता दी जाए। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को भी वापस लिया जाए। उन्होंने मंच पर कुछ पुलिसकर्मियों के नाम लेते हुए कहा कि, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका तर्क था कि, जब शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, तो उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज करने का आदेश दिया था।
प्रधान ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र में, धर्मेंद्र प्रधान ने उल्लेख किया कि, वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के प्रति समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि, एक सशक्त और समावेशी शिक्षा प्रणाली ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है। उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करने के लिए सभी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प बताया।
