धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के बाद छात्रों से की बातचीत, Gen Z को बताया अपना बच्चा
धर्मेंद्र प्रधान का पहला सार्वजनिक बयान
ओडिशा: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। भुवनेश्वर के जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए, उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे की वजहों पर चर्चा की। प्रधान ने कहा कि Gen Z उनके लिए बच्चों की तरह हैं और कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले एक दशक में लगभग 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं।
मंत्री पद की प्राथमिकता नहीं
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में विरोध के बीच यह स्पष्ट किया कि उनके लिए मंत्री का पद सबसे महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने युवाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा दिया। इस दौरान उन्होंने अपने खिलाफ हो रहे विरोध, बीजेडी कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और नवीन पटनायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह विरोध से पीछे हटने वाले नहीं हैं और ओडिशा के विकास के लिए काम करते रहेंगे।
इस्तीफे का मुद्दा फिर से उठाया
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET से जुड़े विवाद के दौरान युवा पीढ़ी को गुमराह करने का प्रयास किया गया था। उनके अनुसार, 20 जुलाई की घटना और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। यह उनका इस्तीफे के बाद का पहला बड़ा सार्वजनिक बयान है। उन्होंने कहा कि उनके लिए मंत्री का पद महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि छात्रों का भविष्य और देश की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
Gen Z को बताया अपना बच्चा
भुवनेश्वर के जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि Gen Z हमारे बच्चे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की। प्रधान ने भारत में युवाओं की बड़ी संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में लगभग 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं, जिनकी अपनी आकांक्षाएं हैं।
ओडिशा में विरोध पर प्रतिक्रिया
इस्तीफे के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान को अपने गृह राज्य ओडिशा में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बीजेडी कार्यकर्ता उनके कार्यक्रमों में नारेबाजी करते दिखाई दिए हैं। रायराखोल में हुए एक कार्यक्रम में भी उनके खिलाफ नारे लगाए गए। इस पर प्रधान ने कहा कि वह इन नारों से परेशान नहीं हैं। उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाए, फिर भी वह पीछे नहीं हटेंगे और लौटकर आएंगे।
नवीन पटनायक पर आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक पर युवाओं को उनके खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पटनायक उन्हें ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा व्यक्ति बताते हैं। इसके बाद उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से सवाल किया कि क्या उन्होंने ऐसा कोई काम किया है जिससे राज्य के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े। लोगों के जवाब के बाद प्रधान ने कहा कि वह ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे ओडिशा की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।
इस्तीफे के बाद की बातें
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा सार्वजनिक करने के बाद भी छात्रों को गुमराह किए जाने की बात कही थी। उस समय उन्होंने कहा था कि Gen Z को भ्रमित किया गया है। उन्होंने 20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि बच्चों और देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वह इस्तीफा दे रहे हैं। अब जीएम विश्वविद्यालय में दिए अपने संबोधन में उन्होंने एक बार फिर युवाओं, उनकी आकांक्षाओं और देश के भविष्य को अपने बयान के केंद्र में रखा।
