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नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। उन्हें 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। ममता बनर्जी द्वारा समर्थन देने के कुछ घंटे बाद हुई इस गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और आगामी चुनाव की तारीख।
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राजनीतिक हलचल के बीच गिरफ्तारी


नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुरानी हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला वर्ष 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन से जुड़ा है। पुलिस उन्हें पूर्व मेदिनीपुर जिले की हल्दिया अदालत में पेश करेगी।


ममता बनर्जी का समर्थन और गिरफ्तारी का समय

यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब ममता बनर्जी ने कुछ घंटे पहले ही मिलन प्रधान को 'सक्षम उम्मीदवार' बताते हुए अपना समर्थन दिया था। कांग्रेस प्रवक्ता मीता चक्रवर्ती ने इस गिरफ्तारी को तानाशाही का उदाहरण बताते हुए कहा कि विपक्ष इस तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है।




ममता के उम्मीदवार का नामांकन वापस लेना

इससे पहले, ममता बनर्जी की पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और अपना नामांकन वापस ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद नंदीग्राम में ममता खेमे का कोई सीधा उम्मीदवार नहीं बचा, जिसके कारण उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने का निर्णय लिया।


चुनाव की तारीख

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मतदान 6 अक्टूबर को होगा। चुनाव आयोग ने टीएमसी के नाम और प्रतीक के विवाद को देखते हुए 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फूल व घास' प्रतीक को फ्रीज करने का आदेश दिया था।