नासिक में छात्रों का विरोध: शिक्षा सुधार की मांगें उठाई गईं
नासिक में छात्रों का प्रदर्शन
नासिक में छात्रों का विरोध: जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा लीक के खिलाफ और शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण आंदोलन बन गया है। यह आंदोलन अब युवाओं के बीच शिक्षा सुधार की आवश्यकता को एक प्रमुख मुद्दा बना चुका है। हाल ही में, नासिक में छात्रों ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं का समर्थन भी शामिल है। राहुल गांधी, जो कि देश के नेता प्रतिपक्ष हैं, ने छात्रों की मांगों को उचित ठहराया है।
राहुल गांधी ने रविवार को महाराष्ट्र में छात्रों के प्रदर्शन को सही ठहराते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पेपर लीक, भर्तियों में देरी, शिक्षा की बढ़ती लागत, हॉस्टल की खराब स्थिति, और अन्य समस्याओं के कारण छात्रों का विश्वास खो दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र केंद्र और राज्य दोनों की भाजपा सरकारों से परेशान हैं। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं - यह केवल एक परीक्षा या भर्ती का मामला नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम पर उनका विश्वास टूट चुका है।"
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं – इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 6, 2026
राहुल ने आगे कहा, "चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी... और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।" छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, "अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार को उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए - अन्यथा न्याय मिलने तक यह छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।"
ज्ञात हो कि नासिक में आदिवासी रेजीडेंट स्कूलों की खराब स्थिति, सुरक्षा की कमी और छात्रों की मौत के मुद्दे को लेकर 100 से अधिक छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि आदिवासी रेजीडेंट स्कूलों में सुविधाओं और सुरक्षा की स्थिति गंभीर है। उनकी मांग है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए राज्य की एनडीए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
