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नीतीश कुमार का लेख: मोदी सरकार की प्रशंसा में एक नया मोड़

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हालिया लेख मोदी सरकार की प्रशंसा करता है, जो उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाता है। उनके बेटे ने हाल ही में संवैधानिक पद के लिए नामांकन भरा, लेकिन नीतीश उसमें शामिल नहीं हुए। यह लेख 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नीतीश ने इसे नहीं लिखा। जानें इस लेख के पीछे की पूरी कहानी और राजनीति में इसके प्रभाव को।
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नीतीश कुमार का लेख: मोदी सरकार की प्रशंसा में एक नया मोड़

नेताओं के लेखन का बढ़ता चलन


राजनीतिक नेताओं द्वारा लेख लिखना कोई नई परंपरा नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में यह प्रचलन काफी बढ़ गया है। आमतौर पर, ये लेख नीतियों के प्रचार या अपने नेताओं को खुश करने के उद्देश्य से लिखे जाते हैं। हाल ही में, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर एक लेख लिखा। वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लेख 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित हुआ है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार की प्रशंसा की है।


हालांकि, नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति को देखते हुए यह लेख थोड़ा अजीब लगता है। उनके बेटे निशांत कुमार ने हाल ही में किसी संवैधानिक पद के लिए नामांकन भरा, लेकिन नीतीश कुमार उसमें शामिल नहीं हुए। उनके करीबी लोग बताते हैं कि नीतीश को मिलने वाले लोगों के नाम और चेहरे याद नहीं रहते। यह बात मीडिया के कई वरिष्ठ पत्रकारों को भी पता है।


इस लेख के प्रकाशन से पहले ऐसा लगा कि यह कोई पुराना लेख है, लेकिन जब इसे पढ़ा गया तो यह स्पष्ट हुआ कि यह एक ताजा लेख है। नीतीश कुमार के करीबी लोगों की सोच पर सवाल उठता है कि उन्होंने इस लेख को क्यों लिखा, जबकि यह स्पष्ट है कि नीतीश ने इसे नहीं लिखा।