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नेतन्याहू का ईरान को परमाणु हथियार न देने का संकल्प

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने दिवंगत भाई की याद में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का संकल्प लिया है। उनका यह बयान न केवल यहूदी समुदाय के लिए, बल्कि भारतीयों के लिए भी महत्वपूर्ण है। नेतन्याहू ने अमेरिका के यहूदियों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि सम्मान तभी मिलेगा जब हम खुद अपने सम्मान की रक्षा करेंगे। जानें इस बयान का वैश्विक संदर्भ और इसके संभावित प्रभाव।
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नेतन्याहू का ईरान को परमाणु हथियार न देने का संकल्प

नेतन्याहू का ऐलान

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने दिवंगत भाई की याद में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जो भारतीयों के लिए भी गहरी चिंता का विषय बन सकती है। यह बयान भले ही यहूदी समुदाय के लिए हो, लेकिन यदि भारतीय, विशेषकर हिंदू, इसे गंभीरता से लें, तो भारत की स्थिति विश्व में और मजबूत हो सकती है। नेतन्याहू ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के संदर्भ में यह बात कही।


नेतन्याहू ने अपने भाई, लेफ्टिनेंट कर्नल योनी नेतन्याहू की स्मृति में कसम खाई कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देंगे। उन्होंने अमेरिका के यहूदियों और विश्वभर के यहूदियों से अपील की कि वे एकजुट हों और डरें नहीं। उनका कहना था कि सम्मान तभी मिलेगा जब हम खुद अपने सम्मान की रक्षा करेंगे।


ईरान के खिलाफ कड़ा रुख

नेतन्याहू ने कहा, "सच के लिए खड़े हो जाओ। इजरायल के लिए खड़े हो जाओ। यहूदियों के भविष्य के लिए खड़े हो जाओ।" उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री हैं, ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा।


उन्होंने अमेरिका की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि अमेरिका की सीमा पर आतंकियों का खतरा हो, तो वह क्या करेगा। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अमेरिका आतंकियों का खात्मा करने के लिए सुरक्षा क्षेत्र बनाता है और अपने नागरिकों की रक्षा करता है।