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नेतन्याहू का बयान: ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे, चाहे अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो या न हो। उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावना बढ़ रही है। ईरान के विदेश मंत्री ने भी इजरायल से लेबनान से अपनी सेना हटाने की मांग की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और नेतन्याहू के ताजा बयान का क्या मतलब है।
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नेतन्याहू का बयान: ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे

ईरान के परमाणु हथियारों पर नेतन्याहू का दावा


नेतन्याहू ने कहा, ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे


तेल अवीव: अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को शांति समझौता होने की संभावना है, जिसमें दोनों देश जिनेवा में हस्ताक्षर करेंगे। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को समझौते के बावजूद परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे।


नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान के पास न आज और न ही भविष्य में परमाणु हथियार होंगे। उन्होंने कहा, "हमने अपने ऊपर मंडरा रहे विनाश के खतरे को टाल दिया है और इजरायल राष्ट्र को पूर्ण विनाश से बचाया है।" यह बयान नेतन्याहू ने विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों की आलोचना के बीच दिया।


ईरान की शर्तें और इजरायल की स्थिति

ईरान के विदेश मंत्री का बयान:


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका से युद्ध समाप्त करने के समझौते के तहत इजरायल को लेबनान से अपनी सेना हटानी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी कहा है कि समझौते में यह स्पष्ट है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।


हालांकि, इजरायल की लेबनान में सेना की उपस्थिति के कारण समझौते की शर्तों पर असहमति बनी हुई है। अराघची ने कहा कि दक्षिणी लेबनान पर इजरायली कब्जा अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।


उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में युद्ध का अंत, पूरे युद्ध के अंत का एक अभिन्न हिस्सा है। जबकि इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल अपनी सेना को वापस नहीं बुलाएगा। नेतन्याहू ने ट्रंप के दबाव में कुछ नरमी दिखाई है, लेकिन वह लेबनान में संघर्ष को जारी रखकर अपने राजनीतिक हितों की रक्षा कर रहे हैं।