नेतन्याहू का संयुक्त राष्ट्र में विवादास्पद भाषण, 77 देशों का वॉकआउट
नेतन्याहू का प्रभावशाली भाषण
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रवेश करते ही एक शेर की तरह दहाड़ने का प्रयास किया। उनके भाषण के दौरान, 77 देशों के डिप्लोमेट्स, जिनमें अधिकांश यूरोपीय और मुस्लिम देश शामिल थे, हॉल से बाहर चले गए। हालांकि, भारत ने अपनी सीट पर बने रहने का निर्णय लिया। नेतन्याहू ने लगभग 40 मिनट तक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई उनके या यहूदियों के खिलाफ कुछ कहता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, चाहे वह मित्र हो या शत्रु।
जब नेतन्याहू ने देखा कि अधिकांश डिप्लोमेट्स हॉल छोड़ चुके हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि कोई नैतिक रूप से कायर व्यक्ति अभी भी वहां है, तो उसे तुरंत उठकर चले जाना चाहिए।
पेजर का रहस्योद्घाटन
नेतन्याहू ने अपने भाषण के दौरान एक पेजर निकालकर उसे हवा में लहराया और दर्शकों से पूछा कि क्या वे इसे पहचानते हैं। उन्होंने बताया कि यह वही पेजर है जिसने हिजबुल्लाह की लीडरशिप को नष्ट कर दिया था। सितंबर 2024 में, लेबनान और सीरिया में हिजबुल्लाह के हजारों पेजर्स एक साथ रहस्यमय तरीके से फट गए थे।
इस ऑपरेशन में इजराइल ने हिजबुल्लाह के आतंकियों को पेजर भेजे और एक साथ संदेश भेजकर सभी को एक झटके में उड़ा दिया। इस हमले में कई हिजबुल्लाह के लड़ाके और शीर्ष कमांडर मारे गए, जिससे उनका संचार नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। यह खुफिया ऑपरेशन आधुनिक युद्ध के इतिहास में सबसे प्रभावशाली और सटीक माना जाता है। नेतन्याहू ने पेजर दिखाकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि इजराइल अपने दुश्मनों के खिलाफ किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है।
