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नेतन्याहू ने ईरान पर हमले का किया बचाव, गाजा पुनर्निर्माण की चुनौतियाँ

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान पर हमले का बचाव किया, इसे अपने लिए एक सरल निर्णय बताया। इस बीच, हमास ने गाजा शांति समझौते को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है, जबकि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक धन की कमी पर चिंता व्यक्त की गई है। फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमेरिका द्वारा वीजा न दिए जाने के कारण वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी बात रखी। यमन में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में हमले का दावा किया है, जबकि सऊदी सरकार ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। संयुक्त राष्ट्र ने यमन में मानवीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू का भाषण

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान पर हमले के अपने निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक सरल निर्णय था। इस बीच, हमास ने गाजा शांति समझौते को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है, जबकि यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक धन का केवल एक छोटा हिस्सा ही जुटाया जा सका है। नेतन्याहू ने महासभा में विश्व के नेताओं को संबोधित करते हुए गाजा में इजराइल द्वारा किए गए नरसंहार के आरोपों को 'सदी का सबसे बड़ा झूठ' करार दिया।


नेतन्याहू का स्वागत और विरोध

जब नेतन्याहू सभागार में पहुंचे, तो कुछ नेताओं ने उनका स्वागत किया, जबकि अन्य ने विरोध किया। कई प्रतिनिधि बाहर चले गए और उनके भाषण के दौरान अधिकांश सीटें खाली रहीं। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पर हमला करना उनके लिए 'अब तक का सबसे आसान निर्णय' था और उन्होंने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को 'नैतिक रूप से कायर' कहा।


अब्बास का वीडियो संदेश

फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को अमेरिका द्वारा वीजा न दिए जाने के कारण महासभा में पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो संदेश भेजना पड़ा। अब्बास (90) ने अपने संबोधन में कहा कि वे अपने देश की स्थिति को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे और कहा, 'हम अपनी मातृभूमि नहीं छोड़ेंगे।'


गाजा पुनर्निर्माण की योजना

इस बीच, हमास के प्रवक्ता ने कहा कि 'बोर्ड ऑफ पीस' द्वारा गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 2.45 अरब डॉलर की योजना पेश की गई है। हालांकि, उन्होंने हथियार डालने की कोई योजना का उल्लेख नहीं किया। इजराइल ने कहा है कि जब तक हमास हथियार नहीं डालता, वह पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं देगा।


यमन में हूती विद्रोहियों के हमले

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक 'संवेदनशील लक्ष्य' पर हमले का दावा किया है, लेकिन इसके समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं दिया। हूती सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों में क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग किया गया।


सऊदी अरब की प्रतिक्रिया

सऊदी सरकार और अरामको ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है। सऊदी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि लाल सागर के बंदरगाह यानबू पर दागी गई मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें यमन के कुछ हिस्सों पर हूतियों के कब्जे की चिंता नहीं है।


संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र ने यमन में मानवीय सहायता तेजी से पहुंचाने की अपील की है। मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि हिंसा के कारण विस्थापित लोगों को भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।