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नेपाल में बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश जारी, 5,000 से अधिक लोग अभी भी गायब

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता लोगों की खोज का अभियान जारी है। लगभग 5,000 लोग अभी भी गायब हैं, जबकि 1,400 लोगों की जान जा चुकी है। बचाव दल विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में खोज कार्य कर रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक लापता हैं। इस आपदा ने नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
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नेपाल में बाढ़ के बाद बचाव कार्य

नेपाल में शनिवार को भी लापता लोगों की खोज का अभियान जारी रहा। विनाशकारी बाढ़ के लगभग दो सप्ताह बाद, बचाव दल 5,000 से अधिक लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब तक लगभग 1,400 लोगों की जान जा चुकी है और 13,676 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।


लापता लोगों की संख्या

अधिकारियों के अनुसार, लगभग 30 देशों के 589 विदेशी नागरिकों सहित कम से कम 5,130 लोग अब भी लापता हैं। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट हिमस्खलन के कारण आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी ने बाढ़ का पानी अपने साथ ले जाकर मकान, वाहन, सड़कें और पुल बहा दिए, जिससे जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुईं।


चीन में भी बाढ़ का असर

चीनी मीडिया के अनुसार, इस आपदा में चीन में भी कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। एनडीआरआरएमए के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल के चितवन जिले में सबसे अधिक 364 शव बरामद किए गए हैं, इसके बाद पूर्वी और पश्चिमी नवलपरासी का स्थान है।


जलविद्युत परियोजनाओं पर खोज अभियान

रसुवा और नुवाकोट जिलों में बाढ़ प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं पर खोज दल तैनात किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों का अब तक कोई पता नहीं चला है। इस अभियान में नेपाल सेना, सशस्त्र प्रहरी बल, परियोजना के कर्मचारी और विदेशी तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। चिलिमे जलविद्युत परियोजना में कई टीमें सुरंग के भीतर दाखिल हो चुकी हैं और कीचड़, चट्टानों और अन्य मलबे को हटाते हुए लगभग 115 मीटर आगे बढ़ गई हैं।


सुरंगों में खोज कार्य

नेपाल सेना के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 परियोजना में, विदेशी विशेषज्ञों के साथ एक संयुक्त टीम लापता श्रमिकों की खोज के लिए मुख्य सुरंग में लगभग 400 मीटर अंदर गई है। सुरंगों के भीतर दबी संरचनाओं, कीचड़ और मलबे के कारण खोज अभियान में कई चुनौतियाँ आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान करना भी एक बड़ी समस्या है।


शवों की पहचान

अधिकारियों ने कहा कि बरामद किए गए शवों में से अब तक लगभग 100 शव ही उनके परिवारों को सौंपे गए हैं।