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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1,050 तक पहुंची

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे मरने वालों की संख्या 1,050 तक पहुंच गई है। लगभग 4,000 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बचाव कार्य जारी है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण मुश्किलें आ रही हैं। नेपाल सरकार ने बाढ़ के खतरे को लेकर नए अलर्ट जारी किए हैं। जानें इस आपदा के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
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नेपाल में बाढ़ की स्थिति

काठमांडू, 1 सितंबर: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के चलते सुरक्षाबलों ने आठ जिलों से और शवों को बरामद किया है, जिससे मरने वालों की संख्या मंगलवार को 1,050 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बचावकर्मियों को रुक-रुक कर हो रही बारिश और कई जिलों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण फंसे लोगों का पता लगाने में कठिनाई हो रही है।


लापता लोगों की संख्या

इस बीच, बाढ़ के नए खतरे की चेतावनी भी जारी की गई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, लगभग 4,000 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक और 83 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। एनडीआरआरएमए ने यह भी बताया कि लगभग 12,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।


बाढ़ का कारण और प्रभाव

नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के खिसकने के कारण अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी ने बाढ़ का पानी निचले इलाकों में बहा दिया, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। चीनी मीडिया के अनुसार, इस आपदा में चीन की ओर भी 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में लगभग 550 लोग अब भी लापता हैं।


शवों की पहचान में कठिनाई

एनडीआरआरएमए के अनुसार, चितवन जिले में सबसे अधिक 321 शव बरामद किए गए हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 216, नवलपरासी वेस्ट में 170, नुवाकोट में 142, गोरखा में 65, धाडिंग में 57, रसुवा में 41 और तनहुन में 38 शव मिले हैं। चिकित्सा केंद्रों पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई, जो अपने लापता रिश्तेदारों की तस्वीरें लिए हुए थे।


बचाव कार्य और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

बचाव दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 683 कर्मचारियों और श्रमिकों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत और चीन की विशेषज्ञ टीम नेपाल के बचावकर्मियों की मदद कर रही है। भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारत की विशेष सुरंग बचाव टीम ने दो पनबिजली परियोजना स्थलों पर सफलता हासिल की है।


नए बाढ़ अलर्ट

नेपाल में प्राधिकारियों ने पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में बाढ़ के खतरे को लेकर नया अलर्ट जारी किया है। एनडीआरआरएमए ने नुवाकोट और रसुवा जिलों में अचानक बाढ़ आने की संभावना जताई है।


यातायात व्यवस्था में बदलाव

मध्य नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में बाढ़ के बाद यातायात का दबाव बढ़ गया है। अधिकारियों ने काठमांडू को अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले राजमार्गों पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की है।