पंजाब कांग्रेस में बगावत की आहट, रंधावा की अमित शाह से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल
पंजाब कांग्रेस में उठ रहे बगावत के सुर
चंडीगढ़: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में हलचल के बाद अब पंजाब में कांग्रेस के भीतर भी बगावत की संभावनाएं बढ़ रही हैं। फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में असंतोष की लहर चल रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से गुप्त मुलाकात ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। वहीं, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पार्टी हाईकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रंधावा की अमित शाह से मुलाकात से मची हलचल
पंजाब की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब गुरदासपुर के कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा अचानक दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस मुलाकात में रंधावा भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के साथ नजर आए। इस गुप्त बैठक के बाद से चर्चा तेज हो गई है कि रंधावा कांग्रेस छोड़कर कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।
राजा वड़िंग को दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने से चन्नी का विरोध
कांग्रेस आलाकमान ने हाल ही में लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले से कई वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, जो प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दावेदारी कर रहे थे, इस निर्णय से आहत हैं। चन्नी ने अब खुलकर बगावती तेवर अपनाते हुए अपने घर पर नेताओं की बैठक बुलाई है।
चन्नी का शक्ति प्रदर्शन, 25 नेताओं की बैठक
चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर कांग्रेस नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई, जिसे राजनीतिक जानकार उनके शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं। इस बैठक में कांग्रेस के तीन मौजूदा विधायकों समेत लगभग 25 वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस बैठक में विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा, बरनाला के विधायक काला ढिल्लों, कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। इस तरह के बड़े पैमाने पर नेताओं का जुटना पंजाब कांग्रेस में विभाजन की संभावना को और गहरा कर रहा है।
