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पंजाब कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह: कार्यकर्ताओं के बीच हंगामा

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह ने एक नया मोड़ ले लिया है, जब कार्यकर्ताओं के बीच हंगामा हुआ। पटियाला और संगरूर में आयोजित कार्यक्रमों में चन्नी समर्थकों ने राजा वड़िंग का विरोध किया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। भूपेश बघेल के खिलाफ नारेबाजी और कुर्सियों का इस्तेमाल भी हुआ। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की वजहें और पार्टी के भीतर की राजनीति के हालात।
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कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति


पंजाब कांग्रेस में आंतरिक विवाद गहराता जा रहा है। पटियाला के बाद अब संगरूर में भी एक कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान हंगामा हुआ। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, जिससे स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पार्टी के प्रभारी भूपेश बघेल भी कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गए।


कार्यक्रम में 'भूपेश बघेल मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए गए। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकीं और चरणजीत चन्नी के समर्थन में नारे लगाए। कैलिफोर्निया रिजॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में राजा वड़िंग, भट्‌ठल और विजयइंदर सिंगला भी उपस्थित थे।


पटियाला में चन्नी समर्थकों का विरोध

शनिवार को पटियाला के समाना में एक कार्यक्रम के दौरान चन्नी समर्थकों ने राजा वड़िंग का विरोध किया। उन्होंने वड़िंग की हूटिंग करते हुए चन्नी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। जैसे ही राजा वड़िंग ने बोलना शुरू किया, समर्थकों ने चन्नी के पक्ष में नारेबाजी की।


चन्नी लियाओ-पंजाब बचाओ के नारे

समर्थकों ने 'चन्नी लियाओ-पंजाब बचाओ' और 'चन्नी लियाओ-कांग्रेस बचाओ' के नारे लगाए। इस पर राजा वड़िंग भड़क गए और पूछा कि वे क्यों नारे लगा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो पार्टी के कार्यक्रम को बाधित करेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


सांसद सुखजिंदर रंधावा की दूरी

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने प्रभारी भूपेश बघेल के दौरे का बायकॉट किया है। पंजाब में बूथ मजबूत करने की यह मुहिम राजा वड़िंग की अगुवाई में चल रही है, जिसके कारण चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा इस मुहिम से दूर हैं।


राजा वड़िंग का दावा

शुक्रवार को फतेहगढ़ साहिब में हुए कार्यक्रम में चन्नी उपस्थित नहीं थे। वहां केवल राजा वड़िंग और उनके गुट के नेता ही मौजूद थे। राजा वड़िंग ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के 6 सांसदों के बाद अब 40 से 45 विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि 2027 के चुनाव में उनकी टिकट काटी जा सकती है।