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पंजाब कांग्रेस में विवाद सुलझाने की कोशिश, नाराज नेताओं को दिल्ली बुलाया गया

पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते हाईकमान ने नाराज नेताओं को 16 और 17 जुलाई को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सक्रिय हैं। चुनाव से पहले विवाद का समाधान करना पार्टी की प्राथमिकता है, ताकि चुनावी तैयारियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और हाईकमान की रणनीति।
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पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष पद की मांग तेज


पंजाब विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, और इस बीच कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहरा गया है। नाराज नेताओं को 16 और 17 जुलाई को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया गया है।


पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस विवाद की जानकारी मिल गई है, और वे इसे सुलझाने के लिए जल्द ही महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं।


प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल इस मुद्दे को पूरी तरह से सुलझाने में असमर्थ रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसे शांत करने का प्रयास किया है। राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे ने उनसे मुलाकात की है।


पार्टी प्रभारी की रिपोर्ट और बैठक

भूपेश बघेल ने सोमवार को नाराज गुट की स्थिति पर एक रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी। इसके बाद, मंगलवार को एक बैठक बुलाई गई जिसमें राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पंजाब कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।


बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नाराज नेताओं को दिल्ली बुलाया जाएगा।


चुनाव से पहले विवाद का समाधान

हाईकमान विधानसभा चुनाव से पहले इस विवाद को सुलझाना चाहता है ताकि पार्टी की चुनावी तैयारियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।


भूपेश बघेल को 6 जुलाई को इस विवाद को सुलझाने के लिए चंडीगढ़ भेजा गया था। उन्होंने वहां पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी सहित सभी नाराज नेताओं से मुलाकात की।


नाराज नेताओं की सक्रियता

राहुल गांधी के बुलावे के बाद नाराज नेता अब सक्रिय हो गए हैं और अपनी बात रखने के लिए बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।


कहा जा रहा है कि हाईकमान पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष वड़िंग को बदलने और चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा के मुद्दे पर अपने पूर्व निर्धारित निर्णय में कोई बदलाव नहीं करेगा।