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पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD ने बिक्रम मजीठिया को भेजा कानूनी नोटिस

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD, राजवीर सिंह घुम्मन ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेजा है। घुम्मन ने मजीठिया के द्वारा लगाए गए अवैध ड्रग व्यापार के आरोपों को सिरे से खारिज किया और उनसे सार्वजनिक माफी मांगने की अपील की। नोटिस में मजीठिया के बयानों को झूठा और मानहानिकारक बताया गया है। घुम्मन ने मजीठिया से 24 घंटे के भीतर आरोप वापस लेने और पोस्ट हटाने की मांग की है।
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कानूनी नोटिस का विवरण

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी, राजवीर सिंह घुम्मन ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस जारी किया है। घुम्मन ने मजीठिया द्वारा लगाए गए अवैध ड्रग व्यापार और गैर-कानूनी गतिविधियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मजीठिया से आरोप वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने की अपील की है।


राजवीर सिंह घुम्मन ने अपने नोटिस में कहा, "आपने (बिक्रम सिंह मजीठिया) सोशल मीडिया पर पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी में झूठे, अपमानजनक और मानहानिकारक दावे किए हैं। आपके द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं, जिनका कोई कानूनी या दस्तावेजी आधार नहीं है।"


घुम्मन ने आगे कहा कि मजीठिया ने उन्हें गलत तरीके से एक अवैध ड्रग व्यापार से जोड़ा है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 'सुमन आर्बर ग्रुप' का किसी भी नशा मुक्ति केंद्र या अवैध फार्मास्युटिकल व्यापार से कोई संबंध नहीं है।


उन्होंने यह भी कहा कि मजीठिया के बयानों के पीछे व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना है। एक वरिष्ठ राजनीतिक व्यक्ति के रूप में, मजीठिया ने जानबूझकर उनकी छवि को धूमिल करने और सरकार को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है।


घुम्मन ने कहा, "आपने जानबूझकर कई प्रमुख मीडिया चैनलों और पत्रकारों को टैग किया, जिससे ये झूठे आरोप पंजाब के हर कोने में फैल गए। इसके परिणामस्वरूप, मुझे मानसिक पीड़ा और अपमान का सामना करना पड़ा है।"


कानूनी नोटिस में कई धाराओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मजीठिया को भारी आर्थिक मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा। यह मुआवजा उनकी सामाजिक स्थिति और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए होगा।


इसके साथ ही, घुम्मन ने मजीठिया से आरोप वापस लेने, 24 घंटे के भीतर पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में ऐसे आरोप न लगाने का लिखित आश्वासन देने की मांग की है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे आपराधिक कार्यवाही और मानहानि के लिए मुकदमा दायर करने की चेतावनी भी दी है।