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पंजाब में अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ SIT जांच शुरू

पंजाब में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में गठित इस टीम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। जांच में महिला की बहरीन से यात्रा, ठहरने की व्यवस्था और अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी। चावला ने आरोपों को झूठा बताया है और पहले ही अकाल तख्त से निष्कासित हो चुके हैं।
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पंजाब में बढ़ी अमरजीत सिंह चावला की मुश्किलें


पंजाब समाचार: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला की समस्याएं बढ़ने वाली हैं। पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ दुष्कर्म के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह जानकारी आम आदमी पार्टी (आप) के नेता बलतेज पन्नू ने दी।


SIT का नेतृत्व करेंगे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

पन्नू ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गुरबंस सिंह बैंस के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। इस टीम में सिमरनजीत सिंह और करण सिंह संधू भी शामिल होंगे। पन्नू ने कहा कि जांच में उन सवालों के उत्तर खोजे जाएंगे जिनका अब तक कोई समाधान नहीं मिला है।


हर पहलू की होगी जांच

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि महिला बहरीन से कैसे आई, आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी की सराय में उसकी ठहरने की व्यवस्था किसने की, उसे क्या सुविधाएं प्रदान की गईं, और वह महीनों तक वहां कैसे रह सकी।


महिला ने दर्ज कराई थी शिकायत

महिला की शिकायत के आधार पर चावला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी के बाद उन्होंने एसजीपीसी सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। चावला ने आरोपों को 'झूठा और मनगढ़ंत' बताया है।


अकाल तख्त से निष्कासन

उन्हें पहले ही सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त से निष्कासित किया जा चुका है। SIT का गठन मुख्यमंत्री द्वारा 'धरम युद्ध मोर्चा' के एक प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद किया गया। मान ने कहा कि राज्य सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच सुनिश्चित करेगी। कानून अपना काम करेगा और किसी भी व्यक्ति को न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाएगा।